प्रदेश में खुलेंगे 4 नए उप पंजीयक कार्यालय

4 new sub-registrar offices will be opened in the state

प्रदेश में खुलेंगे 4 नए उप पंजीयक कार्यालय

भखारा, लवन, सकरी और राजकिशोर नगर में उप पंजीयक कार्यालयों को मिली प्रशासकीय स्वीकृति

रायपुर, 05 फरवरी 2026

प्रदेश में आम नागरिकों को रजिस्ट्री एवं पंजीयन से जुड़ी सेवाएं सहज, सुलभ और समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। रजिस्ट्रीकरण अधिनियम–1908 के प्रावधानों के तहत भखारा (जिला धमतरी), लवन (तहसील मुख्यालय, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा), सकरी एवं राजकिशोर नगर (बिलासपुर) में चार नवीन उप पंजीयक कार्यालय खोलने के लिए प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार धमतरी जिला के भखारा में नवीन उप पंजीयक कार्यालय खोलने हेतु प्रशासकीय स्वीकृत दी गई है। इसी प्रकार जिला पंजीयक बलौदाबाजार-भाटापारा के अंतर्गत तहसील मुख्यालय लवन और बिलासपुर जिले के राजकिशोर नगर एवं सकरी में उप पंजीयक कार्यालय खोलने  प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान किया गया है।

इन नए उप पंजीयक कार्यालयों के खुलने से संबंधित क्षेत्रों के नागरिकों को रजिस्ट्री कार्य के लिए दूरस्थ जिला मुख्यालयों तक नहीं जाना पड़ेगा। इससे समय और धन की बचत होगी, भीड़ कम होगी तथा पंजीयन प्रक्रिया अधिक सुगम और पारदर्शी बनेगी। साथ ही स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और प्रशासनिक कार्यों में गति आने की भी संभावना है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि शासन की सेवाएं आम नागरिकों तक उनके निकटतम स्तर पर उपलब्ध हों। नए उप पंजीयक कार्यालयों की स्वीकृति से लोगों को पंजीयन संबंधी कार्यों में बड़ी राहत मिलेगी। यह निर्णय सुशासन की दिशा में एक और सशक्त कदम है, जिससे नागरिकों का समय बचेगा और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी।

 वित्त एवं वाणिज्य कर पंजीयन मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि राज्य हमारी सरकार नागरिक सुविधाओं के विस्तार को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।चार नए उप पंजीयक कार्यालयों की स्वीकृति इसी सोच का परिणाम है। नए उप पंजीयक कार्यालय खुलने से पंजीयन व्यवस्था मजबूत होगी और लोगों को उनके क्षेत्र में ही गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिल सकेंगी, जिससे प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और त्वरित होगी। उन्होंने बताया कि पंजीयन विभाग द्वारा 10 नए क्रांतिकारी सुधार लागू किए गए हैं, जिनका लाभ इन क्षेत्रों के नागरिकों को भी मिलेगा। इनमें ऑटो डीड जनरेशन, आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन, घर बैठे रजिस्ट्री, स्वतः नामांतरण, ऑनलाइन भारमुक्त प्रमाणपत्र, एकीकृत कैशलेस भुगतान, व्हाट्सएप आधारित सेवाएं, डिजीलॉकर एकीकरण, डिजी-डॉक सेवा तथा खसरा नंबर के माध्यम से ऑनलाइन सर्च एवं रजिस्ट्री डाउनलोड की सुविधा शामिल है।

राज्य सरकार के इस निर्णय को जनहित में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे पंजीयन व्यवस्था अधिक विकेंद्रीकृत और प्रभावी बन सकेगी।