बस्तर पंडुम 2026 : जनजातीय विधाओं के विजेताओं ने बिखेरी सांस्कृतिक छटा

Bastar Pandum 2026: Winners of tribal disciplines spread cultural splendor

बस्तर पंडुम 2026 : जनजातीय विधाओं के विजेताओं ने बिखेरी सांस्कृतिक छटा

जिला स्तरीय प्रतियोगिता में कटेकल्याण के गौर माड़िया नृत्य दल ने पाया पहला स्थान
इसके अलावा अन्य विधा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले दल जायेगें संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में

 
दंतेवाड़ा, 29 जनवरी 2026

जिले के माँ दंतेश्वरी मंदिर परिसर मेढका डोबरा में आयोजित बस्तर पंडुम 2026 की जिला स्तरीय प्रतियोगिता में बस्तर की समृद्ध जनजातीय कला, संस्कृति और परंपराओं की जीवंत झलक देखने को मिली। जिले के विभिन्न विकास खंडों से आए प्रतिभागियों ने जनजातीय विधाओं में अपनी विशिष्ट प्रस्तुतियों से दर्शकों और निर्णायकों को प्रभावित किया। जिसमें जनजातीय नृत्य विधा में कटेकल्याण विकासखंड के गौर माड़िया नृत्य दल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि जनजातीय गीत विधा में कुआकोंडा के पालनार दल को विजेता घोषित किया गया। जनजातीय नाट्य में गीदम के जारानंदापुरी माता दल ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रथम स्थान हासिल किया। इसी तरह जनजातीय वाद्य यंत्रों के प्रदर्शन में कुआकोंडा के दीवान ग्रुप को प्रथम स्थान मिला।
इसके अलावा जनजातीय आभूषण प्रदर्शन में गीदम के देशांत कुमार नेताम प्रथम रहे, वहीं जनजातीय वेशभूषा प्रदर्शन में दन्तेवाड़ा की श्रीमती राधा भास्कर ने बाजी मारी। जनजातीय शिल्प कला विधा में शिल्पकला कुआकोंडा को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। जनजातीय चित्रकला में कटेकल्याण के सेजेस दल ने श्रेष्ठ प्रदर्शन किया। इसके साथ ही जनजातीय पेय पदार्थ प्रदर्शन में गीदम के हरि ओम स्वः सहायता समूह, मासोड़ी को प्रथम स्थान मिला, जबकि जनजातीय व्यंजन प्रदर्शन में दंतेवाड़ा के तारा समूह को विजेता घोषित किया गया। वहीं बस्तर वन औषधि प्रदर्शन में कटेकल्याण के सहेली समूह ने प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी पारंपरिक ज्ञान परंपरा का उत्कृष्ट परिचय दिया। बस्तर पंडुम के इस आयोजन ने जनजातीय समाज की सांस्कृतिक विरासत, लोककला और पारंपरिक जीवनशैली को सहेजने और आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में अपनी पहचान बनाई।उल्लेखनीय है कि सभी विधाओं में प्रथम स्थान अर्जित करने वाले दल संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करेंगे।