प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना : कलेक्टर द्वारा प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना की मिशन मोड पर किया समीक्षा
Prime Minister's Wealth-Dhanya Agriculture Scheme: Collector reviews Prime Minister's Wealth-Dhanya Agriculture Scheme on mission mode
विभागों की संयुक्त रणनीति और मैदानी कार्यकर्ताओं को नियमित प्रशिक्षण सत्र आयोजित करने तथा फील्ड में अधिकारियों द्वारा लगातार निगरानी किए जाने पर दिया जोर
दंतेवाड़ा, 29 जनवरी 2026
कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में केन्द्र सरकार के द्वारा समर्थित प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि योजना का उद्देश्य कृषि उत्पादकता में वृद्धि करना, फसलों में विविधीकरण को बढ़ावा देना, कटाई के बाद भंडारण क्षमता बढ़ाना सिंचाई सुविधाओं में सुधार करना कृषि ऋण (दीर्घकालिक एवं अल्पकालिक) तक पहुंच सुगम बनाना टिकाऊ एवं जलवायु-अनुकूल कृषि पद्धतियों को अपनाना है। इसे देखते हुए कृषि सहित अन्य आनुषांगिक विभाग प्रभावोत्पादक क्रियाशील और टिकाउ रणनीति बनाया जाना सुनिश्चित करें। इसके लिए अधिकारी नियमित रूप से फील्ड में उपस्थिति देकर कृषकों की वास्तविक आवश्यकता अनुरूप उनसे सलाह मशवरा कर योजना को धरातल स्तर पर मजबूती दें। इसके लिए नियमित रूप से कलस्टर एवं ब्लॉक स्तर पर कृषि मित्र पशु सखी, पशु मित्र, जैविक कार्यकर्ता एनआरएलएम (राष्ट्रीय आजीविका मिशन) से जुड़े समस्त समूहों के साथ प्रशिक्षण सत्र, कृषक संगोष्ठियां आयोजित किया जाना चाहिए। इसमें कृषि विभाग सहित कृषि विज्ञान केन्द्र का अन्य विभागों से आपसी समन्वय किया जाना बहुत जरूरी है। इस मिशन मोड के प्रयास से ही हम योजना के अंतर्गत बेहतर प्रदर्शन कर पायेगें। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि चिन्हांकित कृषकों को मोबिलाइज करते हुए उन्हें सभी संबंधित विभाग सम्मिलित रूप से अपने-अपने विभागीय योजनाओं से लाभान्वित किए जाने की प्रक्रिया को प्रारंभ कर देवें। इसके साथ ही बैठक में अंतर्गत प्रधानमंत्री सम्मान योजना, फसल बीमा योजना, नेशनल मिशन ऑफ एडीबल ऑयल, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड,राष्ट्रीय गोकुल मिशन जैसी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा हुई।
बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में खरीफ के अंतर्गत 92 हजार हेक्टेयर तथा रबी फसल के अंतर्गत 9.30 हजार हेक्टेयर सकल फसली क्षेत्र अंतर्गत है। और योजना के अंतर्गत दिए गए लक्ष्य के अनुरूप इसमें बढ़ोतरी किए जाने की संभावना है। इसके साथ ही उद्यानिकी विभाग से जानकारी दी गई कि एटीएम योजना के तहत 137 कृषकों के द्वारा एटीएम विधि अंतर्गत साग सब्जी उत्पादन किया जा रहा है। साथ ही मत्स्य विभाग द्वारा बताया गया कि अभी तक 58 हितग्राहियों को चिन्हांकित किया जाकर विभागीय योजनाओं से लाभान्वित किए जाने की प्रक्रिया प्रगतिरत है। इसके साथ ही कलेक्टर ने बैठक में कहा कि नये युवा कृषकों को आरसेटी एवं अन्य व्यावसायिक प्रशिक्षण देने, नरेगा के माध्यम से डबरी निर्माण, कन्टुरटेंर्न्च निर्माण, शेड निर्माण, भूमिगत जल पुनर्भरण ( ग्राउंडवाटर रिचार्ज ), परियोजनाओं को गतिमान करने, फलोद्यानों के रिक्त जगहों में मसाला एवं मिलेट पौधों के रोपण, धुरली एवं टेकनार में गौशालाओं के प्रबंधन के संबंध में भी विस्तृत दिशा निर्देश दिए।
इसके साथ ही कलेक्टर ने आगे कहा कि योजना से संबंधित विभाग इस संबंध में संयुक्त रणनीति और ठोस मैदानी क्रियान्वयन के तहत कार्य करेगें। चूंकि इसके लिए सूचकांक निर्धारित है और इस आधार पर जिले की रैकिंग तय की जायेगी। तो हम जिले की कृषि क्षमता अवसरों, चुनौतियों तथा कमजोरियों को चिन्हांकित करना होगा। इस योजना से न सिर्फ कृषि उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि किसानों की आय में सुधार, ग्रामीण आजीविका सृजन और कृषि क्षेत्र में समेकित विकास संभव होगा। अतः सभी विभाग आपसी समन्वयन और बेहतर रणनीति बनाकर जिले को सभी इंडिकेटर में उत्कृष्ट रैंकिंग दिलाने का भरसक प्रयास करें। बैठक में उप संचालक कृषि श्री सूरज पंसारी, सहायक संचालक उद्यानिकी श्रीमती मीना मंडावी, पशुधन विभाग उप संचालक श्रीमती श्यामा मालवीय, सहायक मत्स्य अधिकारी दीपक बघेल, लीड बैंक अधिकारी श्री शिवराम बघेल सहित संबंध विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।






