दंतेवाड़ा में ‘सम्पूर्णता अभियान 2.0’ का जिला स्तरीय शुभारंभ  

District level launch of 'Sampoorna Abhiyan 2.0' in Dantewada

दंतेवाड़ा में ‘सम्पूर्णता अभियान 2.0’ का जिला स्तरीय शुभारंभ  

इस बार गोल्ड अवॉर्ड हासिल करने का लक्ष्य
दंतेवाड़ा, 28 जनवरी 2026
नीति आयोग, भारत सरकार द्वारा संचालित आकांक्षी जिला कार्यक्रम के अंतर्गत सम्पूर्णता अभियान 2.0 का जिला स्तरीय शुभारंभ आज दंतेवाड़ा में किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जिला प्रशासन दंतेवाड़ा द्वारा किया गया, जिसमें श्री केदार कश्यप, मंत्री, क्षेत्रीय विधायक श्री चैतराम अटामी, कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव, जिला पंचायत सीईओ श्री जयंत नाहटा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों एवं फ्रंटलाइन वर्कर्स की व्यापक सहभागिता रही। कार्यक्रम में डेवलपमेंट पार्टनर के रूप में टीआरआई, पीरामल फाउंडेशन के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बताया गया कि नीति आयोग आकांक्षी जिलों में डेटा आधारित, परिणाम केंद्रित एवं नवाचार आधारित विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कार्य कर रहा है। इसी क्रम में आकांक्षी जिला कार्यक्रम के माध्यम से स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, कृषि एवं आधारभूत सेवाओं में सुधार पर विशेष फोकस किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान सम्पूर्णता अभियान 1.0 की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया गया कि वर्ष 2024 में संचालित अभियान के अंतर्गत कुल 6 संकेतकों में से 5 संकेतकों में जिला दंतेवाड़ा द्वारा पूर्ण सैचुरेशन प्राप्त किया गया था, जिसके लिए जिले को केंद्र स्तर पर “सिल्वर अवॉर्ड” से सम्मानित किया गया था। यह उपलब्धि फ्रंटलाइन वर्कर्स, विभागीय अधिकारियों, पंचायत प्रतिनिधियों एवं सामुदायिक सहभागिता के समन्वित प्रयासों का परिणाम रही।
इस अवसर पर जानकारी दी गई कि सम्पूर्णता अभियान 2.0 का संचालन 28 जनवरी से 14 अप्रैल तक किया जाएगा। इस वर्ष जिले के लिए पांच प्रमुख संकेतक जन्म के समय नवजात शिशु का वजन पंजीकरण, टीबी मामलों की पहचान एवं नोटिफिकेशन, प्रत्येक आंगनबाड़ी में बच्चों एवं माताओं के लिए पोषण और स्वास्थ्य से संबंधित आयोजन, विद्यालयों में कार्यशील बालिका शौचालय तथा पशुओं का नियमित टीकाकरण निर्धारित किए गए हैं। कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया गया कि इस वर्ष जिले का अगला लक्ष्य ‘गोल्ड अवॉर्ड’ प्राप्त करना है, जिसके लिए निर्धारित पाँचों संकेतकों में शत-प्रतिशत सैचुरेशन सुनिश्चित किया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा “सम्पूर्णता संकल्प” लिया गया तथा जिला प्रशासन ने अभियान को जन आंदोलन के रूप में सफल बनाने हेतु सभी से सक्रिय सहयोग की अपील की।