कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने की विद्यार्थियों से अपील

Collector Shri Nileshkumar Mahadev Kshirsagar appealed to the students

कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने की विद्यार्थियों से अपील

‘बोर्ड परीक्षा से ‘घबराएं नहीं, आत्मविश्वास के साथ हल करें पर्चे’

उत्तर बस्तर कांकेर, 05 फरवरी 2026

शिक्षा सत्र 2025-26 के तहत इस माह 20 फरवरी से बोर्ड परीक्षाएं प्रारंभ हो जाएंगी। कक्षा दसवीं एवं बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं के मद्देनज़र जिले के कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने विद्यार्थियों, पालकों और शिक्षकों से अपील की है कि आगामी 20 फरवरी से कक्षा 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं प्रारंभ हो रही हैं, जो विद्यार्थियों के जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षा किसी भी छात्र की काबिलियत की अंतिम कसौटी नहीं होती, यह केवल तैयारी, अनुशासन और धैर्य की परीक्षा है। प्रत्येक विद्यार्थी किसी न किसी विशेष प्रतिभा के साथ जन्म लेता है, अपनी प्रतिभा को पहचानें और लगन एवं आत्मविश्वास के साथ परीक्षा की तैयारी करते हुए शांत मन से परीक्षा दें, सफलता अवश्य मिलेगी।
विद्यार्थियों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि इस समय शांत रहना और खुद पर विश्वास बनाए रखना ज़रूरी है, जो विद्यार्थी शांत मन से परीक्षा देता है, वही सही उत्तर लिख पाता है। घबराहट, डर और आत्म-संदेह से दूर रहकर पूरे आत्मविश्वास से प्रश्नों को हल करें। तनाव को छोड़कर अपनी तैयारी पर भरोसा रखें और पूरे मन से परीक्षा दें। कलेक्टर श्री क्षीरसागर ने पालकगणों से भी अपील करते हुए कहा कि इस समय परीक्षा केवल बच्चों की नहीं, बल्कि माता-पिता की भी है। बच्चों को अंकों के दबाव में न रखें, बल्कि उनका आत्मविश्वास बढ़ाएं। डांट की जगह संवाद करें, तुलना की जगह भरोसा दें। यदि बच्चा चुप है, तो उसे डांटिए नहीं, उसके पास बैठिए और उसका मन समझने का प्रयास कीजिए। एक सुरक्षित, सकारात्मक और सहयोगी पारिवारिक वातावरण से परीक्षा की आधी तैयारी हो जाती है। शिक्षकों से भी अपील करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल विषय पढ़ाने वाले नहीं होते, बल्कि वे भविष्य निर्माण की सबसे मजबूत नींव होते हैं। परीक्षा से पहले के किसी भी कमजोर छात्र को नज़रअंदाज़ न किया जाए। यह पूछने के बजाय समझ में क्यों नहीं आता, बल्कि यह पूछा जाए कि ‘कहां मदद चाहिए”। शिक्षक का प्रोत्साहन किसी भी छात्र के लिए उसकी सबसे बड़ी ताकत बन सकता है। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर शांत वातावरण, पारदर्शी व्यवस्था और विद्यार्थियों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाएगा।