बस्तर में पल्स पोलियो अभियान : 21 दिसंबर को करीब सवा लाख बच्चों को मिलेगी जीवन रक्षक खुराक

Pulse polio campaign in Bastar: Around 1.25 lakh children will receive life-saving doses on December 21.

बस्तर में पल्स पोलियो अभियान : 21 दिसंबर को करीब सवा लाख बच्चों को मिलेगी जीवन रक्षक खुराक

जगदलपुर, 17 दिसम्बर 2025

बस्तर जिले में पोलियो के खिलाफ जंग को और मजबूत बनाने के लिए राष्ट्रीय पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान की तैयारियां जोरों पर हैं। रविवार 21 दिसंबर को होने वाले इस मेगा अभियान में 0 से 5 वर्ष के एक लाख 24 हजार 377 बच्चों को पोलियो की जीवन रक्षक दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिला प्रशासन ने सुनिश्चित किया है कि कोई भी बच्चा वंचित न रहे, और शत-प्रतिशत कवरेज हासिल हो।
     कलेक्टर श्री हरिस एस की अध्यक्षता में आयोजित डिस्ट्रिक्ट टास्क फोर्स की बैठक में जिला स्तर के सभी अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने कहा विभिन्न विभागों के मैदानी अमले के साथ समन्वय स्थापित कर प्रचार-प्रसार किया जाए। हर गांव, हर पारे-टोले तक संदेश पहुंचे, ताकि उपलब्धि 100 प्रतिशत हो। बैठक में अंतरविभागीय समन्वय पर जोर दिया गया, जिसमें स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा और स्थानीय प्रशासन की भूमिका अहम बताई गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक के मार्गदर्शन में जिला स्तरीय कार्यशाला और प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इस दौरान टीकाकरण कर्मियों को विशेष दिशा-निर्देश दिए गए। जिले में कुल 498 बूथ स्थापित किए जाएंगे, जिनमें जगदलपुर शहरी क्षेत्र में 72 बूथ शामिल हैं। इसके अलावा, 100 सुपरवाइजर, 1992 टीकाकरण कार्यकर्ताओं, 20 मोबाइल टीम और 24 ट्रांजिट टीम तैनात रहेंगी। विशेष रूप से उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है। मोबाइल टीमें बाजारों, मेला-मड़ई, ईंट भट्टों, भवन निर्माण स्थलों, घुमंतु बसाहटों, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर आने-जाने वाले बच्चों को दवा पिलाएंगी। सीएमएचओ डॉ. बसाक ने बताया  कि यह अभियान न केवल पोलियो को जड़ से समाप्त करेगा, बल्कि हर्ड इम्युनिटी को मजबूत बनाकर वातावरण में मौजूद वाइल्ड पोलियो वायरस को निष्क्रिय कर देगा।
     भारत को पोलियो मुक्त बनाने की यह मुहिम देशव्यापी है, लेकिन पड़ोसी देश पाकिस्तान और अफगानिस्तान में अभी भी पॉजिटिव केस सामने आ रहे हैं, जो हमारे लिए खतरे की घंटी है। अच्छी खबर यह है कि सन 2011 से पूरे भारत में एक भी पोलियो का केस दर्ज नहीं हुआ। छत्तीसगढ़ में तो 2002 से और बस्तर जिले में 1996 से कोई प्रकरण रिपोर्ट नहीं हुआ। यही कारण है कि यह अभियान हर साल और सशक्त होता जा रहा है।
कलेक्टर श्री हरिस ने जिले की जनता से अपील की है कि अपने 0 से 5 वर्ष के सभी बच्चों को 21 दिसंबर को ही नजदीकी बूथ पर ले आएं। बूथ पर दवा पिलाना सबसे प्रभावी तरीका है। आपके एक कदम से बस्तर और छत्तीसगढ़ पूरी तरह पोलियो मुक्त बनेगा। अभियान में जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए रेडियो, सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। पल्स पोलियो अभियान न केवल स्वास्थ्य की रक्षा करता है, बल्कि समुदाय की एकजुटता का प्रतीक भी है। जिले के सभी निवासियों से उम्मीद है कि वे इस नेक मुहिम में पूर्ण सहयोग करेंगे, ताकि आने वाली पीढ़ियां स्वस्थ और सुरक्षित रहें।