इस तारीख से बदल रहे है टेलीकॉम से जुड़े नियम, OTP का चलन जल्द होगा बंद

Telecom related rules are changing from this date, OTP practice will be stopped soon

इस तारीख से बदल रहे है टेलीकॉम से जुड़े नियम, OTP का चलन जल्द होगा बंद

नई दिल्ली : टेलीकॉम रेग्यूलेटर ट्राई ने भारत के लोगों को स्कैम और ऑनलाइन फ्रॉड से बचाने के लिए सख्त कदम उठाने का फैसला लिया है। इस कड़ी में टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी ने कई नियमों में बदलाव का फैसला लिया है। आपको बता दें कि हमारे देश में जैसे-जैसे इंटरनेट और स्मार्टफोन का उपयोग बढ़ रहा है, वैसे ही इससे जुड़े खतरों में भी बढ़त हो रही है। हालांकि स्मार्टफोन के उपयोग से कई सारे कामों को करने में आसानी तो हो रही है, लेकिन इसके खतरों में भी भारी इजाफा हो रहा है। आजकल देश के लोग ऑनलाइन ठगी का शिकार हो रहे हैं।

हाल ही में ट्राई ने ऑनलाइन फ्रॉड रोकने के लिए टेलिकॉम कंपनियों को ट्रेसबिलिटी लागू करने का आदेश दिया है। ट्राई का ये एक बड़ा फैसला था। आपको बता दें कि ट्राई ने अगस्त में कॉमर्शियल मैसेज और ओटीपी से जुड़े ट्रेसबिलिटी नियम को लागू करने के निर्देश जारी किए थे। हालांकि इसे लागू करने की तारीख में कई बार बदलाव किया जा चुका है।

ट्राई ने बढ़ाई इसकी समय सीमा

ट्राई के द्वारा ओटीपी मैसेज की ट्रेसेबिलिटी को लागू करने के लिए टेलिकॉम कंपनियों के पास पहले 31 अक्टूबर तक का समय था। टेलीकॉम कंपनियां वीआई, जियो, एयरटेल और बीएसएनएल की मांग के बाद ट्राई ने इसकी समय सीमा को बढ़ा दिया है, इसे बढ़ाकर 31 नवंबर तक किया जा चुका है। नवंबर के आखिरी महीने में जब इसकी समय सीमा खत्म हो जाएगी, तब टेलीकॉम कंपनियों को कमर्शियल मैसेज और ओटीपी मैसेज को ट्रैक करने के लिए ट्रेसेबिलिटी नियम को लागू करना अनिवार्य होगा।

ओटीपी आने में होगी देरी

यदि टेलीकॉम कंपनियां जियो, एयरटेल, वीआई और बीएसएनएल 1 दिसंबर से ट्रेसबिलिटी नियम को लागू करती है, तो इससे आपके पास ओटीपी मैसेज आने में देरी हो सकती है। इसके कारण अगर आप बैंक या फिर रिजर्वेशन से संबंधित कुछ काम करते हैं, तो आपके पास ओटीपी पहुंचने में देरी लग सकती है। टेलीकॉम रेग्यूलेटर ट्राई के इस तरह के सख्त कदम उठाने के पीछे का कारण ये है कि कई बार स्कैमर्स फेक ओटीपी मैसेज के जरिए किसी भी डिवाइस का एक्सेस आसानी से हासिल कर लेते हैं, जो लोगों के लिए काफी नुकसानदायक साबित हो सकता है। इसीलिए ट्राई ने नियमों में सख्ती करके इन स्कैम्स को रोकने की योजना बनायी है।