जैन धर्म के सिद्धांत जियो और जीने दो के पथगामी हैं स्वाधीन जैन

Swadhin Jain is a follower of the principle of live and let live in Jainism

जैन धर्म के सिद्धांत जियो और जीने दो के पथगामी हैं स्वाधीन जैन

स्वाधीन जैन ने किया 11वीं बार किया रक्तदान

दल्ली राजहरा। नगर के युवा समाजसेवी और भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश मिडिया सेल इंचार्ज स्वाधीन जैन ने जनसेवा के क्षेत्र में इतिहास रच दिया है। कम उम्र के बावजूद स्वाधीन जैन 11 बार रक्तदान कर चुके हैं।
जैन धर्म के चौबीसवें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी के संदेशों को आत्मसात कर जीवनचर्या व्यतीतकरने वाले स्वाधीन जैन जैन धर्म के प्रथम सूत्र जियो और जीने दो के पथगामी हैं। जनसेवा की राहपर उनके कदम हमेशा अग्रसर रहते हैं। रक्तदान महादान को फलीभूत करते हुए युवा समाजसेवी स्वाधीन जैन लोगों की जान बचाने के लिए रक्तदान करने हेतु हर पल तत्पर रहते हैं। अब तक वे 11 बार रक्तदान कर चुके हैं। भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी अल्पसंख्यक मोर्चा स्वाधीन जैन द्वारा 11वां रक्तदान कुसुमकसा रक्तदान शिविर में किया गया। रक्तदान पश्चात मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निज सहायक टी. कौशिक द्वारा स्वाधीन जैन को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर डौंडी लोहारा नगर पंचायत अध्यक्ष लाल निवेंद्र सिंह टेकाम जी, वरिष्ठ पत्रकार झुनमुन गुप्ता, भाजपा के युवा नेता जयदीप गुप्ता, कुसुमकसा भाजपा मंडल अध्यक्ष योगेंद्र सिन्हा, नितिन जैन, अनिल सुथार, सरपंच संघ अध्यक्ष ममता मांडवी, अशोक लोहिया, हितेश कुमार डोंगरे, संतोष जैन, डीबी रक्तदान ग्रुप के दीपक साहू, सुमीत जैन, अंकित टाटिया व पंचायत की पूरी टीम द्वारा रक्तदान शिविर में रक्तदान किया गया।