औद्यौगिक, कृषि और ग्रामीण विकास को नई दिशा देने वाला बजट: मंत्री श्री लखन लाल देवांगन

Budget giving new direction to industrial, agricultural and rural development: Minister Shri Lakhan Lal Devangan

औद्यौगिक, कृषि और ग्रामीण विकास को नई दिशा देने वाला बजट: मंत्री श्री लखन लाल देवांगन

छत्तीसगढ़ में MSME, मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटल इंडस्ट्री को मिलेगी गति

स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर होंगे सृजित

रायपुर, 01 फरवरी 2026

वाणिज्य, उद्योग, सार्वजनिक उपक्रम एवं श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने केंद्रीय बजट 2026-27 पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट छत्तीसगढ़ के औद्योगिक, कृषि और ग्रामीण विकास को नई गति देने वाला सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य के अनुरूप औद्योगिक क्लस्टरों को पुनर्जीवित करने के लिए 2 हजार करोड़ रुपये के प्रावधान से राज्य में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (MSME) को सशक्त किया जाएगा, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

श्री देवांगन ने कहा कि बजट में MSMEऔर बायोफार्मा सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ रुपये तथा सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए 40 हजार करोड़ रुपये के प्रावधान से छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न राज्यों में माइनिंग आधारित औद्योगिक कॉरिडोर, टेक्सटाइल और केमिकल पार्क की स्थापना से राज्य का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर मजबूत होगा।

मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में सुधार, आर्थिक ऋण गारंटी और कर प्रक्रियाओं के सरलीकरण से राज्य के उद्यमियों, व्यापारियों और स्टार्टअप्स को पूंजी तक आसान पहुंच मिलेगी, जिससे उद्योग-हितैषी वातावरण बनेगा। मैन्युफैक्चरिंग को प्रोत्साहित करने के लिए स्पोर्ट्स गुड्स सहित अन्य प्रमुख क्षेत्रों में उत्पादन बढ़ाने के प्रावधान से स्थानीय इकाइयों को सीधा लाभ मिलेगा।

मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि बजट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और कंटेंट इकोनॉमी पर विशेष जोर दिया गया है। एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (ABGC) के लिए कंटेंट क्रिएटर लैब की स्थापना से डिजिटल उद्योग, स्टार्टअप्स और युवाओं के लिए नए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर खुलेंगे। वहीं, बेहतर इंटरनेट और डिजिटल नेटवर्क के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये के प्रावधान से औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह बजट छत्तीसगढ़ की कृषि, पशुपालन और मत्स्य पालन आधारित अर्थव्यवस्था को भी सशक्त करेगा। छोटे किसानों की उद्यमशीलता, पशुधन विकास में निजी क्षेत्र की भागीदारी, पशु चिकित्सा सेवाओं के विस्तार और 500 अमृत जलाशयों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में आय और रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे।

श्री देवांगन ने कहा कि महिला स्व-सहायता समूहों को बाजार से जोड़ने, हैंडलूम और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने तथा धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के विकास के लिए किए गए प्रावधानों से राज्य की सामाजिक-आर्थिक प्रगति को बल मिलेगा। कुल मिलाकर यह बजट औद्योगिक विस्तार, रोजगार सृजन और समग्र विकास के माध्यम से विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को मजबूती प्रदान करेगा।