रेलवे- एनटीपीसी की परियोजनाओं को मिलेगी गति
Railway- NTPC projects will get momentum
रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी ने प्रदेश के विकास के लिए जरूरी चार बड़े और बहुप्रतीक्षित कार्यों को पूरा करने में सफलता हासिल की है। ये चारों कार्य काफी चुनौतीपूर्ण थे और इनके पूरा होने से प्रदेश में रेलवे और एनटीपीसी के लिए भी आधारभूत संरचना विकसित करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इन कार्यों में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इनमें से दो कार्य ट्रांसमिशन कंपनी ने अपने इंजीनियरों और अनुभवी कर्मियों की कुशलता से स्वयं पूरा किया, इसे ठेके पर नहीं कराया गया।
इस उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और ट्रांसमिशन कंपनी के अध्यक्ष सुबोध सिंह ने पूरी टीम को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक राजेश कुमार शुक्ला ने बताया कि आज चार महत्वपूर्ण कार्यों को पूरा किया गया, जिसमें कुरूद के 400 केवी सबस्टेशन से राजिम के लिए 220 केवी की लाइन और राजिम के 220 केवी सब-स्टेशन की क्षमता 320 एमवीए करना शामिल है। इसके साथ ही राजधानी रायपुर से कुरूद तक नई ब्राडगेज रेलवे लाइन में आ रही रूकावट को दूर करने दो नए टॉवर खड़े करने का कार्य पूरा किया गया। इसी तरह एनटीपीसी के कोयला खदान के लिए जा रही 132 केवी लाइन का ढाई साल से अटका कार्य आज पूरा कर लिया गया।
उन्होंने बताया कि ये चारों कार्य प्रदेश की अधोसंरचना विकास के लिए आवश्यक थे। विभिन्न कारणों से ये काम पूरे नहीं हो पा रहे थे। सबसे अच्छी बात यह रही कि इनमें से दो कार्यों को कंपनी ने टर्न-की कांट्रेक्ट के बजाय लेबर कांट्रेक्ट से पूरा किया, जिसमें कंपनी के भिलाई स्थित वर्कशॉप में टॉवर का निर्माण किया गया और उसे सफलतापूर्वक स्थापित किया गया। इसमें केवल ट्रांसफार्मर, ब्रेकर और अन्य उपकरण क्रय किये गए। इससे कंपनी की लागत 25 प्रतिशत तक घट गई।
साथ ही राजधानी से कुरूद तक रेलवे ट्रैक के ऊपर से गुजर रही 132 केवी लाइन की ऊंचाई 12.5 मीटर से कम थी, जिससे रेलवे ट्रैक का काम अटक गया था। एक महीने से भी कम समय में विभाग के अधिकारियों ने अपने संसाधन से दो नए टॉवर स्थापित करके इसकी ऊंचाई 15 मीटर से अधिक कर दी गई है। इस कार्य के पूरा होने से रेलवे के कार्य में गति आएगी, जिसे दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य है।
प्रबंध निदेशक शुक्ला ने आज कुरूद में 400/220 केवी सबस्टेशन में राजिम के लिए बहुप्रतीक्षित 220 केवी सेकंड सर्किट को ऊर्जीकृत किया। इस लाइन के चालू होने से राजिम के लिए स्थापित विद्युत तंत्र सुदृढ़ हुआ है, जिसका सीधा लाभ इस क्षेत्र के लगभग पचास हजार से अधिक विद्युत उपभोक्ताओं को होगा। इस कार्यक्रम में राजिम में 220 केवी 160 एमवीए की दूसरी इकाई का भी ऊर्जीकरण सम्मिलित है जो महासमुंद, गरियाबंद, कुरूद, धमतरी एवं आसपास का क्षेत्र के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा। इस कार्यक्रम में कार्यपालक निदेशकगण संजय पटेल, केएस मनोठिया, श्रीमती ज्योति नन्नौरे, एमएस चौहान, वीके दीक्षित, मुख्य अभियंता अब्राहम वर्गीस उपस्थित थे।
अधिकारियों ने बताया कि एनटीपीसी को कोयला परिवहन के लिए बिलासपुर से कोंडातराई जुड़डा तक 132 केवी की स्वतंत्र लाइन की आवश्यकता था, इसमें लगभग 39 करोड़ रुपए की लागत से 24.5 किलोमीटर लाइन तैयार हो चुकी थी, परन्तु केवल आधा किलोमीटर का हिस्सा ग्रामीणों की आपत्ति के कारण ढाई साल से अटका हुआ था। जब काम चलता था तब ग्रामीण विरोध करने पहुंच जाते थे। माननीय हाईकोर्ट के आदेश के बाद इस बचे हुए हिस्से का कार्य पूरा करने का मार्गप्रशस्त हुआ और पर्याप्त पुलिस बल की उपस्थिति में आज इसे पूरा किया गया।






