क्वाड ने स्वतंत्र और मुक्त हिन्द प्रशांत को लेकर प्रतिबद्धता जतायी

Quad reaffirms commitment to a free and open Indo-Pacific

क्वाड ने स्वतंत्र और मुक्त हिन्द प्रशांत को लेकर प्रतिबद्धता जतायी

नई दिल्ली। क्वाड देशों ने अभूतपूर्व वैश्विक चुनौतियों और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं पर पड़ रहे दबावों के बीच हिन्द प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए कानून के शासन, संप्रभुता तथा क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और सभी तरह के आतंकवाद की भी कड़ी निंदा करते हुए इससे सख्ती से निपटने की बात कही।

क्वाड देशों भारत, अमेरिका, आस्ट्रेलिया और जापान के विदेश मंत्रियों की मंगलवार को यहां हुई बैठक के बाद जारी संयुक्त वक्तव्य में कहा गया है कि यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब न केवल बड़ी चुनौतियां हैं, बल्कि अभूतपूर्व अवसर भी हैं। सदस्य देशों ने कहा, संघर्षों, भू-राजनीतिक तनावों और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं पर पड़ रहे दबावों के बीच, हम इस बात की फिर से पुष्टि करते हैं कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की शांति, स्थिरता और समृद्धि, अंतर्राष्ट्रीय कानून के पालन और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान पर निर्भर करती है। हम कानून के शासन, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं। हम इंडो-पैसिफिक क्षेत्र और उससे बाहर भी आर्थिक समृद्धि को बढ़ावा देने में नवाचार, उभरती प्रौद्योगिकियों और भरोसेमंद साझेदारियों की अपार क्षमता को पहचानते हैं।

उन्होंने कहा कि वे किसी भी ऐसे अस्थिर करने वाले या एकतरफा कदम का कड़ा विरोध करते हैं, जो मौजूदा स्थिति को बदलने की कोशिश करता हो चाहे वह बल प्रयोग या दबाव के ज़रिए ही क्यों न हो। उन्होंने कहा, हम एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति अपने समर्थन की पुष्टि करते हैं, जो देशों को अपनी सहनशीलता विकसित करने और अपने स्वयं के मार्ग निर्धारित करने की क्षमता को सुदृढ़ करने का अवसर प्रदान करता है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए, हम सहयोग को और अधिक बढ़ाने तथा इस क्षेत्र को ठोस लाभ पहुंचाने वाली व्यावहारिक पहलों को आगे बढ़ाने पर सहमत हैं।