कृषि महाविद्यालय के कैडेट्स ने सीखे विमान उड़ाने के गुर

Agricultural College cadets learn the tricks of flying an aircraft

कृषि महाविद्यालय के कैडेट्स ने सीखे विमान उड़ाने के गुर

कृषि महाविद्यालय के एयर विंग एनसीसी कैडेटों का रायपुर हवाई अड्डे पर विमानन संबंधी शैक्षणिक भ्रमण

रायपुर, 17 दिसंबर 2025

कृषि महाविद्यालय के एयर विंग एनसीसी कैडेटों का रायपुर हवाई अड्डे पर विमानन संबंधी शैक्षणिक भ्रमण

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर अंतर्गत कृषि महाविद्यालय, रायपुर में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल की दूरदर्शी सोच एवं मार्गदर्शन में एयर विंग नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) यूनिट की स्थापना की गई है। यह पहल विद्यार्थियों में समग्र शिक्षा, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, चरित्र निर्माण एवं राष्ट्र निर्माण के मूल्यों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। नवगठित 3CG  एयर विंग एनसीसी यूनिट में कृषि महाविद्यालय, रायपुर के 11 कैडेटों को सम्मिलित किया गया है। इन कैडेटों को ड्रिल, अनुशासन, वायुसेना उन्मुख गतिविधियों तथा विमानन से संबंधित विभिन्न क्षेत्रों में संरचित प्रशिक्षण एवं व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया जाएगा। इस उपलब्धि के साथ इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर असम कृषि विश्वविद्यालय के बाद देश का दूसरा कृषि विश्वविद्यालय बन गया है, जहाँ एयर विंग एनसीसी यूनिट की स्थापना हुई है। यह विश्वविद्यालय की विद्यार्थियों के समग्र एवं बहुआयामी विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। एयर विंग एनसीसी यूनिट की इंडक्शन गतिविधियों के अंतर्गत 16 दिसंबर 2025 को 11 कैडेटों का स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डा, रायपुर में विमानन संबंधी शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, कृषि महाविद्यालय, रायपुर की अधिष्ठाता डॉ. आरती गुहे, 3CG एयर स्क्वाड्रन एनसीसी के कमांडिंग ऑफिसर विंग कमांडर विवेक साहू सहित अन्य एनसीसी अधिकारी उपस्थित रहे।

भ्रमण के दौरान कैडेटों को हवाई अड्डे के बुनियादी ढांचे, टर्मिनल सुविधाओं, रनवे प्रणाली, सुरक्षा प्रोटोकॉल, विमान ग्राउंड हैंडलिंग, एयरसाइड प्रबंधन तथा एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) की कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी दी गई। कृषि महाविद्यालय की अधिष्ठाता डॉ. आरती गुहे ने प्रभावी समन्वय एवं सतत निगरानी के माध्यम से यूनिट के सफल क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं, एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट विनोद नायक एवं डॉ. नियति पांडे ने स्वीकृतियों, कैडेट चयन तथा प्रशासनिक व्यवस्थाओं में उल्लेखनीय योगदान दिया। यह पहल न केवल विद्यार्थियों में अनुशासन एवं नेतृत्व क्षमता विकसित करेगी, बल्कि उन्हें राष्ट्रसेवा एवं विमानन क्षेत्र के प्रति प्रेरित करने में भी सहायक सिद्ध होगी।