दूरस्थ क्षेत्रों में जल जीवन मिशन बना ग्रामीणों के लिए वरदान

Jal Jeevan Mission becomes a boon for villagers in remote areas

दूरस्थ क्षेत्रों में जल जीवन मिशन बना ग्रामीणों के लिए वरदान

सुकमा। कोंटा विकासखंड के ग्राम पंचायत बुर्कालंका के अंतर्गत गच्चनपल्ली, ग्राम पंचायत कारीगुंडम के अंतर्गत पुट्टपाड़ और निमलगुडा, ग्राम पंचायत चिउरवाड़ा के अंतर्गत चिउरवाड़ा और ग्राम पंचायत कोडरीपाल के अंतर्गत कोडरीपाल गांवों को जल जीवन मिशन के तहत शत् प्रतिशत हर घर में जल पहुँचाने का कार्य पूर्ण कर लिया गया। ग्राम सभा में स्थानीय पटेल, मुखिया, सचिव, पीएचई विभाग के अधिकारियों और ग्रामीणों की उपस्थिति में पंचायतों को प्रमाण पत्र प्रदान किया जा रहा है।

दूरस्थ वनांचल और दुर्गम क्षेत्रों में योजना का सफल क्रियान्वयन

पहुंच मार्ग के अभाव में पहाड़ों और जंगलों के बीच से कठिनाई का सामना करते हुए भी जल जीवन मिशन कार्यक्रम को सफलता पूर्वक संपन्न किया गया। ग्रामीणों और अधिकारियों के सामूहिक प्रयासों से चुनौतीपूर्ण कठिन परिस्थितियों में भी योजना को साकार किया जा रहा है।

ग्राम जल वाहिनी और तकनीकी प्रशिक्षण

कार्यक्रम के दौरान ग्राम जल वाहिनी दीदी और ग्रामीणों को एफ.टी.के. (फील्ड टेस्ट किट) के माध्यम से पानी की गुणवत्ता जांचने का प्रशिक्षण दिया गया। तकनीकी समन्वयक द्वारा बनाए गए स्टैंड पोस्ट और पाइपलाइनों की गुणवत्ता पर जोर दिया गया। प्रत्येक घर में नल कनेक्शन के माध्यम से जल आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

सतत संचालन के लिए ग्रामीणों को प्रोत्साहित किया गया

जल जीवन मिशन के तहत योजना के सफल संचालन, संधारण और प्रबंधन के लिए ग्रामवासियों को जिम्मेदारी सौंपी गई। ग्रामीणों से पानी के सदुपयोग और घरेलू नल कनेक्शन को सही तरीके से बनाए रखने का आग्रह किया गया।

जल कर और सामुदायिक भागीदारी की सराहना

कोडरीपाल गांव में हर घर से ₹50 जल कर वसूलने की पहल की गई है, जो ग्रामीणों की सहभागिता और उनकी जल प्रबंधन के प्रति जागरूकता को दर्शाता है। यह योजना के निरंतर संचालन के लिए एक सराहनीय कदम है।

महत्वपूर्ण आयोजन और उपस्थित अधिकारी

ग्राम सभा और प्रशिक्षण सत्रों में पीएचई विभाग के जिला समन्वयक सी.डी.ए.टी. अरुण सरकार, डब्लू.क्यू.एम.आई.एस. समन्वयक  सतीश साहू, उप अभियंता  दिलीप मांडवी और रितेश पैकरा सहित अन्य मैदानी कर्मचारी उपस्थित रहे।

जल जीवन मिशन की व्यापक पहुंच

गच्चनपल्ली, पुट्टपाड़, निमलगुडा, चिउरवाड़ा और कोडरीपाल गांवों में हर घर जल उत्सव आयोजित किया गया। ग्राम पंचायत सरपंच और स्थानीय समितियों की सहभागिता से इन गांवों को भी हर घर जल प्रमाणीकरण का दर्जा मिला।

सुदूर क्षेत्रों में जल क्रांति

जल जीवन मिशन के अंतर्गत सुकमा जिले के संवेदनशील और दुर्गम क्षेत्रों में योजनाओं का क्रियान्वयन ग्रामीण विकास और सामुदायिक सहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह पहल जल संकट से जूझ रहे दूरस्थ क्षेत्रों में बेहतर जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।