भैरमबंद में मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण : प्रधानमंत्री धन्य-धान्य योजना से किसानों को आर्थिक सशक्तिकरण

Beekeeping Training in Bhairamband: Economic Empowerment of Farmers through Pradhan Mantri Dhanya Yojana

भैरमबंद में मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण : प्रधानमंत्री धन्य-धान्य योजना से किसानों को आर्थिक सशक्तिकरण

दंतेवाड़ा, 20 फरवरी 2026

प्रधानमंत्री धन्य-धान्य योजना के तहत जिले में मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए भैरमबंद में प्रशिक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में 15 महिलाएं भाग ले रही हैं और योजना के अंतर्गत कुल 100 किसानों को लाभ मिलेगा। प्रशिक्षण के बाद प्रत्येक प्रतिभागी को छह मधुमक्खी बॉक्स प्रदान किए जाएंगे, जिनमें वैज्ञानिक तरीके से शहद उत्पादन किया जा सकेगा। हर बॉक्स में आठ मधुखंड (फ्रेम) होंगे और प्रत्येक फ्रेम से लगभग 500 ग्राम शहद प्राप्त होने की संभावना है। इसका मतलब है कि एक बॉक्स से करीब चार किलो शहद उत्पादन संभव है। प्रशिक्षण के दौरान किसानों को (भारतीय, एशियाई मधुमक्खी) के पालन की जानकारी दी जा रह है। यह प्रजाति स्थानीय परिवेश में आसानी से अनुकूलित हो जाती है और कम खर्च में पालन योग्य है।
किसानों के लिए योजना के लाभ कई रूपों में दिखाई देंगे। उचित देखभाल और नियमित प्रबंधन से आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। साथ ही, हमबल वी संस्था द्वारा शहद की खरीदी की व्यवस्था भी की जाएगी, जिससे किसानों को विपणन की चिंता नहीं रहेगी और उन्हें सीधी बिक्री का अवसर मिलेगा। जिले के समलूर, सियानार, बिंजाम, कुतुलनार, हीरानार, घोटपाल, कसोली और कारली सहित दस गांवों के ग्रामीणों को न केवल तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है, बल्कि उन्हें स्वरोजगार के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री धन्य-धान्य योजना मधुमक्खी पालन के माध्यम से ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान कर रही है।