दलहन-तिलहन की खेती अपनाएं, पानी बचाएं और बेटियों को खूब पढाएं : कलेक्टर
Adopt cultivation of pulses and oilseeds, save water and educate daughters well: Collector
कोरिया। सुशासन तिहार के तृतीय चरण के अंतर्गत शुक्रवार को सोनहत विकासखंड के ग्राम सलगंवा कला में शासकीय स्कूल परिसर के पास समाधान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में ग्राम सलगंवा कला सहित सोनहत, मेण्ड्रा, कछाड़ी, बोड़ार, कैलाशपुर, केशगवां, बेलिया, तंजरा, ओदारी, कुशहा और पोड़ी ग्राम के सैकड़ों ग्रामीणों ने उमस भरे मौसम के बावजूद उत्साहपूर्वक भाग लिया।
समाधान शिविर को संबोधित करते हुए कलेक्टर चन्दन त्रिपाठी ने कहा कि सुशासन तिहार का यह तीसरा चरण अंतिम है, जिसमें पूर्व में प्राप्त आवेदनों पर की गई कार्यवाही की जानकारी हितग्राहियों को दी जा रही है। उन्होंने बताया कि शिविर में सबसे अधिक आवेदन प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), महतारी वंदन योजना और हैंडपंप सुधार से संबंधित रहे। पात्रता सूची तैयार कर ली गई है और शासन से स्वीकृति मिलते ही हितग्राहियों को उसका लाभ दिया जाएगा।
कलेक्टर त्रिपाठी ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप मोर गांव, मोर पानीश् अभियान के तहत जिले में आवा पानी झोंकी अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण वर्तमान की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि 29 मई को जिलेभर में जनभागीदारी से 660 सोख्ता गड्ढों का निर्माण किया गया, जिसे वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में शामिल किया गया है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अपने खेतों में 5 प्रतिशत मॉडल के तहत सीढ़ी नुमा सोख्ता गड्ढा बनाएं ताकि भूजल स्तर को संरक्षित किया जा सके।
कृषि में बदलाव की जरूरत पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि जिले के अधिकांश किसान केवल धान की खेती करते हैं, जबकि दाल, तेल और सब्जियों की भी आवश्यकता होती है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे दलहन-तिलहन, सब्जी और फल की खेती अपनाएं। कलेक्टर ने बताया कि एक किलो चावल उत्पादन में करीब 3,000 लीटर पानी खर्च होता है, ऐसे में जल-संवेदनशील फसलों को प्राथमिकता देना जरूरी है।
समाज में बाल विवाह की कुप्रथा पर चिंता जताते हुए कलेक्टर ने ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे बेटियों की शिक्षा को प्राथमिकता दें और भू्रण हत्या जैसी अमानवीय घटनाओं को रोकें। उन्होंने बेटियों के नाम 5 पौधे और माँ के नाम एक पेड़ लगाने का संकल्प लेने की अपील की। श्बेटियाँ हमारी धरोहर हैं, उनके साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव न होश्, उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया।
शिविर के दौरान हितग्राहियों को व्हीलचेयर, जाति-निवास प्रमाण पत्र, स्वामित्व अधिकार पत्र, आयुष्मान कार्ड, नोनी सुरक्षा योजना प्रमाण पत्र और सुकन्या समृद्धि योजना की पासबुक वितरित की गई।
कलेक्टर के प्रेरणादायी संबोधन और प्रशासन की जनहित योजनाओं से ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखने को मिला। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य, एसडीएम राकेश साहू, जनपद अध्यक्ष आशा देवी सोनपाकर, जनपद सदस्य, जनपद सीईओ मनोज सिंह जगत व सरपंच, पंच तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित रहे।






