क्या ट्रंप की वजह से मुमकिन हुआ भारत-पाक सीजफायर समझौता? शशि थरूर ने दिया सीधा जवाब

Was the India-Pakistan ceasefire agreement possible because of Trump? Shashi Tharoor gave a direct answer

क्या ट्रंप की वजह से मुमकिन हुआ भारत-पाक सीजफायर समझौता? शशि थरूर ने दिया सीधा जवाब
नई दिल्ली। क्या अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की वजह से भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर का समझौता हो पाया? सोशल मीडिया पर लोग लगातार ये सवाल पूछ रहे हैं। दरअसल, शनिवार शाम सीजफायर समझौते की जानकारी सबसे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ही अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रूथ' से किया था।
उन्होंने  दावा किया था कि अमेरिका की मदद से लंबी बातचीत के बाद भारत और पाकिस्तान ने तुरंत सीजफायर पर सहमति जताई। दोनों देशों को समझदारी दिखाने के लिए बधाई और ध्यान देने के लिए धन्यवाद।

सीजफायर समझौते में अमेरिका का कोई रोल नहीं: शशि थरूर

वहीं, ट्रंप के दावे पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, यह कहना कि यह 'मध्यस्थता' थी, बिल्कुल गलत है। अमेरिका ने दोनों देशों के बीच हुए संघर्ष में एक रचनात्मक भूमिका निभाई, जिसमें वे दोनों पक्षों से संपर्क में थे। भारत ने किसी भी तीसरे देश से मध्यस्थता की मांग नहीं की थी।
शशि थरूर ने आगे कहा कि विदेश मंत्री एस जयशंकर अमेरिका से सेक्रेटरी मार्को रूबियो, यूएई, ब्रिटेन और फ्रांस के विदेश मंत्रियों से लगातार संपर्क में थे। इसी तरह पाकिस्तान के विदेश मंत्री भी इन देशों से संवाद कर रहे थे। ये बातचीत सामान्य कूटनीतिक प्रक्रियाएं होती हैं, जिसमें दोनों पक्षों की बातों से अवगत कराया जाता है। इसे मध्यस्थता कहना भारत की विदेश नीति का अपमान है।

पाकिस्तान के हमलों का भारत ने दिया करारा जवाब

बता दें कि शनिवार शाम भारत और पाकिस्तान ने सीजफायर समझौता किया। 7 मई को भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और गुलाम कश्मीर में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई की। इस कार्रवाई से बौखलाकर पाकिस्तान ने भारत पर 400 से ज्यादा ड्रोन दागे। गौरतलब है कि भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम ने सभी ड्रोन को मार गिराया। इसके बाद भारत ने पाकिस्तान पर जबरदस्त प्रहार किया।