सैलरी व पेंशन में होगी जबरदस्त बढ़ोतरी, देखें 1994 से कर्मचारियों का कितना बढ़ा वेतन
There will be a huge increase in salary and pension, see how much the salary of employees has increased since 1994
इंदौर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने 16 जनवरी 2025 को 8वीं वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दी थी। यह आयोग लगभग 50 लाख केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनधारियों के वेतन और भत्तों में संशोधन करेगा।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार फिटमेंट फैक्टर 1.92 से 2.86 के बीच निर्धारित किया जा सकता है, जिससे न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये से बढ़कर 51,480 रुपये प्रति माह हो जाएगी। इसी प्रकार न्यूनतम पेंशन 9,000 रुपये से बढ़कर 25,740 रुपये प्रति माह हो सकती है।
वेतन आयोगों का विकास
भारत में वेतन आयोगों की शुरुआत आजादी के बाद हुई थी, जिसमें प्रत्येक आयोग ने आर्थिक परिस्थितियों, महंगाई और कर्मचारियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रख वेतन संशोधन पर काम किया।
5वां वेतन आयोग (1994-1997)
न्यूनतम वेतन: 2,550 रुपये प्रति माहअधिकतम वेतन: 26,000 रुपये प्रति माह
वेतन संरचनाओं का संकलन किया गया।
लाभार्थी: लगभग 40 लाख कर्मचारी।
8वीं वेतन आयोग का प्रभाव
8वीं वेतन आयोग के गठन के साथ केंद्र सरकार के कर्मचारियों को मिलने वाली वेतन वृद्धि से उपभोक्ता खर्च में बढ़ोतरी होने की संभावना है। बढ़ी हुई पेंशन योजनाएं रिटायर कर्मचारियों को वित्तीय राहत प्रदान करेंगी।
हालांकि, कुछ अर्थशास्त्रियों का मानना है कि इतनी बड़ी वेतन वृद्धि से महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है। इस आयोग की सिफारिशों को कई पक्षों, जैसे ट्रेड यूनियनों, नीति निर्धारकों और वित्तीय विश्लेषक बारीकी से देखेंगे।






