प्रधानमंत्री आवास योजना से साकार हुआ पक्का घर का सपना

The dream of a permanent house has come true with the Pradhan Mantri Awas Yojana.

प्रधानमंत्री आवास योजना से साकार हुआ पक्का घर का सपना

एक घर, नया भरोसा: पीएम आवास से लक्ष्मीन बाई के जीवन में आई स्थिरता

जहाँ टपकती थी बारिश की बूंदे, अब बसता है सुकून

रायपुर 9 जनवरी 2026

हर व्यक्ति के मन में यह सपना होता है कि उसका अपना एक सुरक्षित आशियाना हो, जहाँ वह और उसका परिवार निश्चिंत होकर जीवन-यापन कर सकें। प्रधानमंत्री आवास योजना इसी सपने को साकार करने का सशक्त माध्यम बन रही है। इस योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को पक्का, सुरक्षित और स्थायी आवास उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे उनके जीवन में स्थिरता और आत्मविश्वास का संचार हो रहा है।
      इसी कड़ी में जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ जनपद अंतर्गत ग्राम अवरीद की हितग्राही श्रीमती लक्ष्मीन बाई की कहानी प्रेरणास्रोत बनकर सामने आई है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत उनका पक्का आवास अब पूरी तरह बनकर तैयार हो चुका है, जो उनके जीवन का सबसे बड़ा सपना था। लक्ष्मीन बाई ने बताया कि पहले उनका घर कच्चा था। बरसात के दिनों में छप्पर से पानी टपकता था, घर के भीतर नमी और गंदगी बनी रहती थी। इसके अलावा बंदर, साँप और बिच्छू जैसे जीव-जंतुओं का हमेशा डर लगा रहता था, जिससे परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती थी। हर बारिश उनके लिए एक नई चुनौती बनकर आती थी।
      प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का घर मिलने के बाद उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया है। अब बरसात हो या तेज धूप, किसी भी मौसम में चिंता नहीं रहती। मजबूत छत, सुरक्षित दीवारें और व्यवस्थित घर ने उनके परिवार को सुकून, सुरक्षा और आत्मसम्मान दिया है। लक्ष्मीन बाई बताती हैं कि अब वे अपने परिवार के साथ स्वच्छ, सुरक्षित और सुखद वातावरण में रह रही हैं। परिवार की आजीविका खेती मजदूरी पर निर्भर है, इसके बावजूद पक्का आवास मिलने से उनका जीवन पहले की तुलना में कहीं अधिक स्थिर और सुरक्षित हो गया है। घर की चिंता से मुक्त होकर अब वे अपने परिवार के बेहतर भविष्य और परिवार की खुशहाली पर ध्यान दे पा रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उनके परिवार को सरकार की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं जैसे महतारी वंदन योजना का लाभ मिल रहा है तथा परिवार को नियमित रूप से मुफ्त राशन भी प्राप्त हो रहा है, जिससे दैनिक जीवन की आवश्यकताएँ सहज रूप से पूरी हो रही हैं और आर्थिक दबाव में कमी आई है।