बस्तर के संगवारी जेंडर संसाधन केंद्र में उमड़ा राजनांदगांव के 45 सदस्यीय दल का उत्साह
The 45-member team from Rajnandgaon was enthusiastic at the Sangwari Gender Resource Centre in Bastar.
जेंडर समानता और सामाजिक सरोकारों पर हुआ मंथन
जगदलपुर, 20 फरवरी 2026
महिला सशक्तिकरण और सामाजिक चेतना की दिशा में बस्तर ब्लॉक के ग्राम पंचायत करंदोला में संचालित संगवारी जेंडर संसाधन केंद्र एक नई इबारत लिख रहा है। इसी क्रम में गुरुवार 19 फरवरी को राजनांदगांव जिले से 45 सदस्यीय एक विशेष दल ने केंद्र का भ्रमण किया। इस दल में सहायक परियोजना समन्वयक, प्रोफेशनल रिसोर्स पर्सन, खाद्य, पोषण, स्वास्थ्य और जल, स्वच्छता और हाइजीन मास्टर ट्रेनर और जेंडर मास्टर ट्रेनर दीदियां शामिल थीं, जिन्होंने यहाँ की कार्यप्रणाली को बारीकी से समझा।
भ्रमण के दौरान जेंडर संसाधन केंद्र की गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें केंद्र द्वारा संचालित प्रमुख स्तंभों जैसे किशोरी बैठक, आमचो बासुल, परिवार चौपाल और जेंडर संसाधन केंद्र की भूमिका को रेखांकित किया गया। चर्चा में यह साझा किया गया कि किस प्रकार महिला स्व-सहायता समूहों के बीच से ही जेंडर पॉइंट पर्सन का चयन कर उन्हें नेतृत्व सौंपा जाता है। साथ ही सखी मंच और जेंडर फोरम जैसी बैठकों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर गंभीर सामाजिक मुद्दों को उठाकर उनके निराकरण की ठोस रणनीति बनाई जाती है।
विशेष रूप से इस भ्रमण के दौरान आयोजित किशोरी बैठक आकर्षण का केंद्र रही। बैठक में उपस्थित किशोरियों को खेल और पिक्चर कार्ड के माध्यम से स्वास्थ्य, पोषण और व्यक्तिगत स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अत्यंत सरल और रोचक ढंग से जानकारी दी गई। राजनांदगांव से आए दल ने इस नवाचार की सराहना की, जहाँ खेल-खेल में किशोरियों को उनके अधिकारों और सेहत के प्रति जागरूक किया जा रहा है। कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकारिणी समिति की भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया, जो समस्याओं के निराकरण की निगरानी करती है। चर्चा के दौरान अब तक केंद्र में आए कुल मामलों, प्रगतिरत प्रकरणों और सफलतापूर्वक निराकृत किए गए केसों के आंकड़े भी साझा किए गए। इस दौरान जेंडर आधारित चुनौतियों और उनके समाधान के अनुभवों को साझा करते हुए बताया गया कि कैसे यह केंद्र ग्रामीण अंचलों में सामाजिक न्याय का एक सशक्त स्तंभ बन गया है। इस महत्वपूर्ण अवसर पर जेंडर संसाधन केंद्र की पदाधिकारी दीदियां, स्टीयरिंग कमेटी के सदस्य, प्रोफेशनल रिसोर्स पर्सन और सभी जेंडर मास्टर ट्रेनर दीदियां उपस्थित रहीं। राजनांदगांव की टीम ने बस्तर के इस मॉडल को अपने क्षेत्र के लिए भी प्रेरणादायक बताया।






