राष्ट्रीय सेवा योजना के बैनरतले टीबी मुक्त भारत की बातें
Talk of TB free India under the banner of National Service Scheme
सूरजपुर । भारत सरकार की महत्वपूर्ण एवं बहुआयामी कार्यक्रम "राष्ट्रीय सेवा योजना" युवाओं तथा छात्र-छात्राओं में समाजसेवा के गुण विकसित करने और चरित्र निर्माण में अहम् भूमिका रखती है। महाविद्यालयों में इसकी अलग-अलग ईकाइयां है। पिरामल फाऊंडेशन भी युवाओं के समग्र विकास के लिए तरह तरह के कार्यक्रम तैयार कर समाजसेवा से जोड़ती है। पिरामल फाऊंडेशन द्वारा क्रियान्वित ट्राईबल टीबी प्रोग्राम के तहत महाविद्यालय डुमरिया भटगांव में कार्यशाला का आयोजन कर टीबी मुक्त समाज का संदेश दिया गया।
जिसमें टीबी के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर परिचर्चा और सामान्य जानकारीयां दी गई। टीबी के लक्षण, जांच और जिला और ब्लॉक स्तर पर उपलब्ध सुविधाएं तथा सेवाएं, टीबी मुक्त पंचायत के निर्माण में युवाओं और छात्र छात्राओं की भूमिका आदि पर जिला कार्यक्रम समन्वयक राज नारायण द्विवेदी ने दी। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के आर.एच.ओ. संजय गुप्ता ने कहा कि टीबी मुक्त समाज के निर्माण से स्वयं और समाज दोनों के लिए लाभकारी है। टीबी की बिमारी हवा के माध्यम से फैलती है।
संक्रमण का भय सबको है टीबी मुक्त समाज का निर्माण होने से संक्रमण का भय से मुक्ति मिलेगी। राज नारायण द्विवेदी ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना के तहत सात दिवसीय शिविर का आयोजन गांवों में किया जाता है। जिस गांव में शिविर लगेगा उस पंचायत को राष्ट्रीय सेवा योजना के छात्र-छात्राएं टीबी मुक्त बना सकते हैं।
यह कार्य कठीन भी नहीं है। आभार व्यक्त करता हुऐ राष्ट्रीय सेवा योजना के प्रभारी ने कहा कि पिरामल फाऊंडेशन का यह प्रयास सराहनीय और प्रशंसनीय है। टीबी मुक्त भारत के निर्माण में हमारे सभी छात्र छात्राएं सहभागी बनेंगे। टीबी भारत के निर्माण में सबकी सहभागिता हो। यह जनकल्याण के लिए सर्वोत्तम कार्य है । कार्यक्रम में श्रीमती नेहा सिंह सीएच ओ, रिता मानीकपुरी आदि उपस्थित रहे।






