रजत जयंती वर्ष 2025-26 पर बेटियों के लिए साइबर सुरक्षा व सशक्तिकरण का हुआ विशेष आयोजन

Special event organized on cyber security and empowerment for daughters on Silver Jubilee year 2025-26

रजत जयंती वर्ष 2025-26 पर बेटियों के लिए साइबर सुरक्षा व सशक्तिकरण का हुआ विशेष आयोजन

एमसीबी। जिले में आज रजत जयंती वर्ष 2025-26 के उपलक्ष्य में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना अंतर्गत एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें साइबर सुरक्षा और बालिकाओं के सर्वांगीण सशक्तिकरण पर केंद्रित विविध गतिविधियां आयोजित की गईं। 

कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के निर्देशानुसार तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी राजकुमार खाती के मार्गदर्शन में जिला मिशन समन्वयक तारा कुशवाहा द्वारा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बुंदेली में कार्यक्रम का सफल संचालन किया गया। इस अवसर पर बालिकाओं के बीच वाद-विवाद, गायन और कविता लेखन जैसी प्रतियोगिताएँ कराई गईं, जिनमें छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। प्रतियोगिताओं के साथ-साथ बालिकाओं को साइबर सुरक्षा, ऑनलाइन फ्रॉड से बचाव, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, सखी वन स्टॉप सेंटर 181 जैसी सेवाओं के महत्व की जानकारी दी गई, जिससे वे भविष्य में जागरूक और सतर्क रह सकें। कार्यक्रम में उपस्थित विशेषज्ञों ने बालिकाओं को स्वास्थ्य एवं पोषण, बाल विवाह की रोकथाम, लैंगिक अपराधों से सुरक्षा और विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की। चाइल्ड लाइन से हिमांशु शिवहरे, आईसीपीएस से संरक्षण अधिकारी बिंदिया खलखो, मिशन शक्ति से जेंडर विशेषज्ञ शैलजा गुप्ता, वित्तीय साक्षरता समन्वयक अनीता कुमारी साह तथा पुलिस विभाग के प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव और सुझाव साझा करते हुए बालिकाओं को जागरूक किया और उनके अधिकारों एवं सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की गयी।

इस अवसर पर विद्यालय का वातावरण उत्साहपूर्ण रहा, जहां छात्राओं ने न केवल अपनी प्रतिभा दिखाई बल्कि जीवनोपयोगी जानकारियों को आत्मसात भी किया। कार्यक्रम के अंत में यह संदेश दिया गया कि बेटियाँ केवल परिवार ही नहीं बल्कि समाज और राष्ट्र की धरोहर हैं, उनकी शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता ही सशक्त भारत की नींव है। इस प्रकार रजत जयंती वर्ष 2025-26 एवं बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत आयोजित यह कार्यक्रम बालिकाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने और समाज में सकारात्मक संदेश प्रसारित करने में महत्वपूर्ण साबित हुआ।