पीएससी की तर्ज पर होगी थानेदारों की भर्ती, बदले पैटर्न से उलझन में अभ्यर्थी

Recruitment of police station incharges will be done on the lines of PSC, candidates are confused due to the changed pattern

पीएससी की तर्ज पर होगी थानेदारों की भर्ती, बदले पैटर्न से उलझन में अभ्यर्थी

मध्य प्रदेश पुलिस में सात साल बाद थानेदारों की सीधी भर्ती होने जा रही है। भर्ती की सुगबुगाहट से ही अभ्यर्थी उत्साहित तो हैं, लेकिन नए नियमों से उलझन भी खूब बढ़ गई है। परीक्षा का प्रारूप पूरी तरह बदला हुआ है।

बाकायदा पीएससी की तर्ज पर थानेदारों की भर्ती के लिए परीक्षा होगी। इससे अब अभ्यर्थी परेशान हैं। अभ्यर्थी कह रहे हैं- न सिर्फ लिखित परीक्षा के अलग-अलग चरण बल्कि शारीरिक परीक्षा के चरण भी पिछली भर्ती की तुलना में अधिक कर दिए गए हैं। इसलिए इस बार परीक्षा अधिक कठिन होगी।

शारीरिक के साथ बौद्धिक कौशल की जरूरत

सिलेबस भी भारी-भरकम कर दिया गया है। जबकि विशेषज्ञों का कहना है- अब थानेदारों को न सिर्फ शरीर बल्कि बेहतर बौद्धिक कौशल की भी जरूरत है। कानून से लेकर निर्णय लेने की क्षमता में दक्ष होना चाहिए। इस वजह से अब परीक्षा का प्रारूप बदला गया है। जिसमें अलग-अलग विषयों से लेकर तार्किक क्षमता का परीक्षण होगा।

इन नियमों से ससे ज्यादा उलझन

पहले एक ही लिखित परीक्षा होती थी। जिसमें 200 अंक का एक प्रश्नपत्र होता था। इसे उत्तीर्ण करने के बाद अभ्यर्थियों को शारीरिक परीक्षा देनी होती थी। फिर साक्षात्कार और इसके बाद मेरिट सूची जारी होती थी। अब दो लिखित परीक्षा होंगी।

पहले प्रारंभिक परीक्षा होगी। यह 100 अंक की होगी और इसमें वस्तुनिष्ठ प्रश्न होंगे। जितने रिक्त पद होंगे, उनकी तुलना में दस गुना अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा के द्वितीय चरण के लिए क्वालिफाय किया जाएगा। प्रारंभिक परीक्षा में ऋणात्मक मूल्यांकन नहीं होगा। प्रारंभिक परीक्षा के बाद उलझन शुरू होती है।