#OperationSindoor: दिनकर की कविता, रामचरित मानस की चौपाई, एशेज सीरीज जिक्र… DGMO ने पाकिस्तान को बताया- फिर तैयार है भारतीय सेना

#OperationSindoor: Dinkar's poem, verse from Ramcharitmanas, mention of Ashes series... DGMO told Pakistan - Indian Army is ready again

#OperationSindoor: दिनकर की कविता, रामचरित मानस की चौपाई, एशेज सीरीज जिक्र… DGMO ने पाकिस्तान को बताया- फिर तैयार है भारतीय सेना

नई दिल्ली । 'ऑपरेशन सिंदूर' पर तीनों सेनाओं के डीजीएमओ ने सोमवार को मीडिया से बात की। सेना की प्रेस ब्रिफिंग से पहले रामधारी सिंह दिन की कविता ‘ 'जब नाश मनुज पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है’ के जरिए प्रेजेंटेशन की शुरुआत की गई।

इस पर एक पत्रकार ने एयर मार्शल एके भारती से पूछा कि क्या इस तरह की कविताओं के जरिए भारतीय सेना पाकिस्तान को कुछ संदेश देना चाहती है, तो एयर मार्शल भारती ने रामचरितमानस की चौपाई से इसका जवाब दिया।

उन्होंने कहा, "बिनय न मानत जलधि जड़, गए तीन दिन बीत। बोले राम सकोप तब, भय बिनु होय न प्रीति।" आगे बोले कि अब आप समझ जाइए कि सेना क्या संदेश देना चाहती है।

क्रिकेट की भाषा में समझाया कितना मजबूत है भारत का डिफेंस सिस्टम

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने 70 के दशक में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेली गई एशेज सीरीज का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज क्रिकेट की बात नहीं करना चाहिए, क्योंकि विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया है, लेकिन भारत के मजबूत डिफेंस सिस्टम को समझाने के लिए एशेज सीरीज का उदाहरण देना जरूरी है।

उन्होंने बताया कि हमारे एयरफील्ड और लॉजिस्टिक्स को निशाना बनाना बहुत कठिन है। 1970 के दशक में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच एशेज के दौरान दो ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने इंग्लैंड की बल्लेबाजी लाइनअप को नष्ट कर दिया। तब ऑस्ट्रेलिया ने एक कहावत दी - "राख से राख, धूल से धूल, अगर थॉमो तुम्हें नहीं मारेगा, तो लिली पकड़ लेगा" (Ashes to Ashes, dust to dust, if Thommo don't get you, Lillee must)। भारत के डिफेंस सिस्टम में इतने लेयर्स (ग्रीड सिस्टम) हैं कि कोई भी ऑब्जेक्ट बच नहीं सका। यही कारण है कि भारत ने पाकिस्तान के ड्रोन और मिसाइलों को आसानी से मार गिराया।