जीवदया के साथ भगवान महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव का आगाज
Lord Mahavir's birth anniversary celebrations begin with compassion for living beings
रायपुर। भगवान महावीर का जन्म जीवदया का परिचायक है। भगवान महावीर का जीवन तप-त्याग के संस्कारों की शिक्षा देता है। तपस्या से आत्मा पवित्र होती है।आज भगवान महावीर स्वामी के संदेश को हर घर में पहुंचाने की आवश्यकता है। भगवान महावीर का संदेश है कि जीयो और जीने दो। आज के युग में हर जगह हिंसा व्यापक पैमाने में फैली हुई है। ऐसे वातावरण में भगवान महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव समिति 2025 द्वारा संसार मे विद्यमान सभी बेजुबान जीवों के प्रति हमारे मन में करुणा हो इस भाव से 26 जनवरी को जीवदया का कार्यक्रम आयोजित किया गया।
उत्सव समिति के अध्यक्ष महावीर कोचर ने बताया भगवान महावीर जन्म कल्याणक उत्सव समिति द्वारा भगवान महावीर के जन्म कल्याणक महोत्सव के अवसर पर 15 दिवसीय भव्य महोत्सव का आयोजन रायपुर में करता आ रहा है। जिसमें समस्त जैन समाज के जिनालय, ट्रस्ट कमेटी, मंडल, संघ एक जुट होकर आयोजन में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेकर आयोजन को सफल बनाते है। इसी क्रम में इस वर्ष भगवान महावीर जन्मकल्याणक महोत्सव के आयोजन की शुरुवात 26 जनवरी 2025 (गणतंत्र दिवस) के पावन अवसर पर जीवदया के साथ की गई। जिसमें जैन समाज के धर्म प्रेमी बंधुओ ने बड़ी संख्या में भाग लेकर जिनकुशल जैन दादा बाड़ी में इकट्ठा होकर मरीन ड्राइव व लाभांडी जोरा आदि क्षेत्रों में विचरण करने वाले बेजुबान पशुओं जैसे गाय श्वान को रोटी, टोस्ट व गुड़ वितरण का कार्यक्रम रखा।
इस अवसर पर विशेष रूप से जन्मकल्याणक महोत्सव समिति के युवा अध्यक्ष महावीर कोचर, कोषाध्यक्ष विरेंद्र डागा विकास धड़ीवाल, तनय लूनिया, श्रेणिक बोथरा, विनय गोलछा, सीए जिनेश जैन, अतुल कात्रेला, नवीन चौरड़िया, निकुंज साचला, सुशील दुग्गड के साथ नियति धाड़ीवाल, खेमराज डागा, मीठी चौरड़िया, यश कात्रेला, परी चौरड़िया व मास्टर नमो कोचर व महिला मंडल से श्रद्धा कोचर, पूजा चौरड़िया, हेमलता दुग्गड़ उपस्थित थे। आगे भी सभी कार्यक्रमों व आयोजनों में समाज के अधिक से अधिक महिलाओं व पुरुषों का सहयोग भ. महावीर जन्मकल्याणक महोत्सव समिति को मिले ऐसा निवेदन महावीर कोचर ने सभी जैन समाज के सदस्यों से किया।






