खरोरा स्वास्थ्य केंद्र बदहाल, मरीज परेशान, सुधार की मांग
Kharora health center in bad condition, patients troubled, demand for improvement
महासमुंद/ बसना। छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करने के दावे कर रही है, लेकिन महासमुंद जिले के बसना ब्लॉक अंतर्गत खरोरा ग्राम पंचायत का स्वास्थ्य केंद्र इस दावे की पोल खोल रहा है। यह स्वास्थ्य केंद्र जर्जर भवन,और संसाधनों की कमी से जूझ रहा है। हल्की बारिश में ही परिसर में पानी भर जाता है, जिससे मरीजों को भारी परेशानी होती है।
स्वास्थ्य केंद्र में दवाओं की किल्लत आम बात है। मरीजों को अक्सर बिना दवा के लौटना पड़ता है। यहां केवल एक चिकित्सक तैनात है, जबकि अन्य स्टाफ की कमी के कारण मरीजों को उचित देखभाल नहीं मिल पाती। गांव की पंच श्रीमती रोहिणी सतीश पारेश्वर ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति दयनीय है। मरीजों को इलाज के लिए निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है, जो गरीबों के लिए आर्थिक बोझ है।
उप सरपंच खिरोद नाग और पंच लेखराम निषाद, पंच गदाधर डड़सेना ग्रामीण सदस्य उग्रेसन पारेश्वर ,सेतलाल साव का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र की बदहाली से गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। सतीश पारेश्वर व भरत दास ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से मांग की है कि जर्जर भवन की मरम्मत, दवाओं की उपलब्धता और स्टाफ की नियुक्ति जल्द की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर स्थिति नहीं सुधरी तो ग्रामीण आंदोलन करेंगे। जिला प्रशासन ने इस मुद्दे पर जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि आश्वासन अब तक हकीकत में नहीं बदले। स्वास्थ्य केंद्र की यह स्थिति सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाती है।
गांव की सरपंच श्रीमती रीता भरत दास ने बताया
इस अस्पताल में चिरायु का वाहन भी नियमित रुप से नहीं आ रहा है। यहां दवा का अभाव है और गर्भवती महिलाओं तथा बच्चों का टीकाकरण भी नहीं हो रहा है।






