इंदौर में एक बार बनने के बाद सड़क खोदी तो होगी वसूली

In Indore, if the road is dug after construction, recovery will be done

इंदौर में एक बार बनने के बाद सड़क खोदी तो होगी वसूली

 इंदौर। सड़क बनने के पहले जितनी भी सुविधा या काम वहां किए जाने हैं, वे सुनिश्चित कर लें। सड़क बनने के बाद अगर खोदने की स्थिति बनी तो संबंधित के वेतन से नुकसान की वसूली की जाएगी। सीवरेज के लिए खोदने पर सीवरेज विभाग, पानी के लिए खोदने पर पीएचई, स्ट्राम वाटर लाइन या अन्य कारण से खोदने पर योजना शाखा के संबंधित इंजीनियर और कंसल्टेंट एजेंसी से वसूली होगी।

यह बात निगमायुक्त शिवम वर्मा ने बुधवार को मास्टर प्लान की सड़कों की समीक्षा बैठक में कही। उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान की सड़क के निर्माण के दौरान सीवरेज लाइन, स्टार्म वाटर लाइन, जल वितरण की लाइन या अन्य कोई सुविधा जिसकी आवश्यकता है, वह पूरी कर लें।

गुणवत्ता और समय सीमा दोनों का ध्यान रखना है

सड़क के ड्राइंग, डिजाइन के साथ मौके पर जाकर सभी आवश्यक सुविधाओं का होना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें। हमें काम करते समय काम की गुणवत्ता और समय सीमा दोनों का भी ध्यान रखना है।

बैठक में अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया, अभय राजनगांवकर, अधीक्षण यंत्री डीआर लोधी, नरेश जायसवाल, पराग अग्रवाल, कंसल्टेंट कार्य करने वाली एजेंसियों के प्रतिनिधि, सीवरेज, पीएचइ, योजना शाखा के अधिकारी मौजूद थे।

मास्टर प्लान की इन सड़कों का एक सप्ताह में शुरू होना है काम

सुभाष मार्ग (गोल मंदिर से रामबाग पुल तक) : लंबाई 1300 मीटर, चौड़ाई 30 मीटर

लिंक रोड (एमआर 10 से एमआर 12 तक) : लंबाई 1800 मीटर, चौड़ाई 30 मीटर

एमआर 5 (बड़ा बांगड़दा से पीएमएवाय मल्टी तक) : लंबाई 1700 मीटर, चौड़ाई 24 मीटर

भमोरी चौराहे से एमआर 10 व राजशाही गार्डन से होटल वाच तक : लंबाई 1100 मीटर, चौड़ाई 30 मीटर

वीर सावरकर प्रतिमा से अटल गेट तक : लंबाई 1310 मीटर, चौड़ाई 18 मीटर

एडवांस एकेडमी से रिंग रोड तक : लंबाई 3650 मीटर, चौड़ाई 30 मीटर

रिंग रोड (खजराना मंदिर द्वार से जमजम चौराहा तक) : लंबाई 1120 मीटर, चौड़ाई 18 मीटर