कहा नहीं, पानी छोड़ा, बताया कुछ भी कर सकते हैं
I said no, I left the water, I told you I can do anything
पहलगाम आतंकी हमले के बाद सब सोच रहे थे,ऐसा कभी नहीं हुआ था, ऐसा कैसे हो गया। ऐसी गलती तो पाकिस्तान ने तो कभी नहीं की थी, इस बार ऐसी गलती कैसे कर गया, अब भारत क्या करेगा। इस बार तो पाकिस्तान ने बड़ी गलती कर दी है, उसे भारत पिछली बार से बड़ी सजा देगा। सब कयास लगा रहे थे कि देश के लोग चाहते हैं तत्काल पाकिस्तान को बड़ी गलती की सजा मिलनी चाहिए। भारत पाकिस्तान को जल्दी सजा देगा, ज्यादातर लोग अनुमाान लगा रहे थे देश की जनता चाहती है कि पाकिस्तान पर हमला कर उसे सबक सिखाया जाएगा,ऐसे में मोदी सरकार हो सकता है कि दबाव में आकर जल्दी कुछ कर दे। पाकिस्तान ने बेगुनाह पर्यटकों को मारा था,इसलिए इस बाद देश के हिंदू क्या मुसलमान तक इस घटना से बहुत नाराज थे, सब ने एकस्वर में कहा कि पाकिस्तान को इस गलती की सजा मिलनी चाहिए, कड़ी और बड़ी सजा मिलनी चाहिए।
इस मामले में जल्दी तो कोई न कोई फैसला करना ही था ताकि जनता को लगे कि मोदी सरकार चुप नहीं है, उसने जल्दी से कुछ तो किया है। इसमें मोदी सरकार ने पांच फैसले किए हैं। इन पांच फैसलों से मोटे तौर पर पाकिस्तानी नागरिक ही प्रभावित होने वाले थे। इन पांच फैसलों से जरिए पाकिस्तान व विश्व के देशों को भारत ने यह बताया कि वह इस घटना के लिए पाकिस्तान को दोषी मानता है, और वह उसके कृत्य से बहुत नाराज है तथा उसके खिलाफ यह पहली कार्रवाई है, इसके बाद आगे और भी कार्रवाई सोच समझ कर योजना बनाकर की जाएगी।
मोदी सरकार के पांच फैसलों से देश के बहुत लोगों को लगा कि यह भी कोई कड़ा फैसला हुआ। इससे तो पाकिस्तान पर कोई प्रभाव ही नहीं पड़ेगा। यह सच है कि इससे जाहिर तौर पर पाकिस्तान पर देश के तौर पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा लेकिन इन पांच फैसलों से पाकिस्तानी जनता पर जरूर बहुत असर पड़ेगा। पाकिस्तान की जनता खास तौर सस्ते इलाज के लिए भारत आती थी, उसका आना बंद हो जाएगा, वहां के लोगों को इलाज के दूसरे देश जाना पड़ेगा, जो बहुत महंगा पड़ेगा, महंगा इलाज न करा पाने के कारण जब पाकिस्तान में लोगों की मौत होगी तो जनता इसके लिए सरकार को दोषी मानेगी और उसका गुस्सा सरकार के प्रति बढ़ेगा।कई लोग काम करने यहां आते थे, नहीं आ पाएंगे, कई लोग अपने रिश्तेदारों से मिलने आते थे, नहीं आ पाएंगे। इससे पाकिस्तान के नागरिकों को देरसबेर यह तो समझ आएगा उनकी परेशानी का कारण सरकार है, जो आतंकवादियों को यहां पालती है और उसका भारत में लोगों की हत्या के लिए करती है।
सबसे बड़ा फैसला तो भारत की नदियों से पाकिस्तान जाने वाले पानी को लेकर किया गया है। सरकार का सबसे अहम और बड़ा फैसला सही मायने में यही माना जा रहा है।सरकार ने कहा कि आतंकवादी हमले के विरोध में वह नदियों के जरिए पाकिस्तान जाने वाले पानी रोक देगी। एक संधि के चलते भारत अब तक ऐसा नहीं करता था, भारत ने पाकिस्तान के साथ युध्द के समय भी ऐसा नहीं किया था लेकिन इस बार उसने ऐसा किया है तो बहुत सोच समझ कर किया है।सब सोच रहे थे कि भारत सरकार का यह फैसला कमजोर फैसला है क्योंकि तत्काल इस फैसले को कोई प्रभाव तो पड़ना नहीं थी। क्योंकि सब मानकर चल रहे थे कि भारत के पास पानी रोकने की कोई व्यवस्था तो नहीं है इसलिए वह पानी तो रोक ही नहीं सकता।
सब मानकर चल रहे थे भारत के इस फैसले से पाकिस्तान को तत्काल तो कोई नुकसान नहीं होने वाला है। भारत सरकार के कमजोर फैसले के बारे में सोचते हुए सब भूल गए कि ठीक है भारत अभी पानी रोक नहीं सकता लेकिन भारत डैम से पानी कभी भी छोड़ तो सकता है।भारत आने वाले दिनों में पानी रोकने के लिए तीन चरणों में काम करने की योजना बनाई है, एक पहले चरण में डैम में पानी भरने की क्षमता बढ़ाना ताकि पहले से ज्यादा पानी रोका जा सके। दूसरे जो अधूरे बांध है, उनको जल्द पूरा करना, तीसरे नए पानी जमा करने बांध बनाना। भारत ने अब तक ऐसा करने को सोचा नहीं था क्योंकि वह पाकिस्तान सरकार की गलती की सजा पाकिस्तान की जनता को नहीं देना चाहता था।लेकिन अब भविष्य में भारत जो करने वाला है,उसमें पाकिस्तान सरकार को भारत सरकार को कोई सजा नहीं देनी पड़ेगी, पाकिस्तान की जनता ही पानी की कमी या पानी की बाढ़ आने पर सरकार के खिलाफ स़़ड़क पर उतरेगी। चुनाव में राजनीतिक दलों को सजा देगी।
सब सोच रहे थे कि भारत ने कह दिया है कि वह पानी रोकेगा लेकिन वह रोकेगा कैसे। कोई यह नहीं सोचा पाया कि भारत पानी रोकने की जगह पानी छोड़कर भी पाकिस्तान सरकार व जनता को संदेश दे सकता है कि वह पानी रोककर ही नहीं पानी छोड़कर भी परेशान कर सकता है।.यही उसने किया है,पाकिस्तान में सब हैरान परेशान है कि मोदी सरकार ने तो ऐसा कहा नहीं था,ऐसा कैसे किया। सब जानते हैं मोदी सरकार अपने फैसलों से अक्सर सबको चौंकाती है, इस बार उसने पाकिस्तानी सरकार के साथ वहां के मीडिया को भी चौंका दिया है।जनता भी परेशान है कि अभी बारिश का मौसम नहीं है और नदी में बाढ़ जैसा हालात क्यों है। गांवों में पानी क्यों भर रहा है।
मोदी सरकार इस तरह कभी भी पानी रोक सकती है और कभी भी ज्यादा पानी छोड़ सकती है, इससे पाकिस्तान सरकार व जनता को आने वाले दिनों में कई तरह की परेशानी होने वाली है। सरकार तो वैसे ही मोदी सरकार की नीति के कारण विश्व में अलग थलग पड़ गई है, कोई उसके साथ खड़ा नहीं होना चाहता है कोई देश उसकी मदद नहीं करना चाहता है। जहां तक सेना का सवाल है तो उसे जरूर कड़ा सबक सिखाने की जरूरत है। सरकार तो कई बार चाहती है कि वह आतंकवादी को संरक्षण नहीं देना चाहती है लेकिन सेना ऐसा नहींं चाहती है, सेना ही आईएसआई के जरिए आतंकवाद को संरक्षण देती है ताकि पाकिस्तान व भारत के बीच तनाव बना रहे तथा बड़े देशों से इस तनाव का फायदा उठाकर पैसे ऐंठा जा सके। पहले पाकिस्तानी सेना से अमरीका से बहुत पैसा लिया आतंकवादियों का पालने व भारत के खिलाफ उनका उपयोग करने के लिए। इस बात को हाल ही पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने स्वीकार भी किया है कि अमरीका के कारण हमको तीन दशक तक आतंकवाद को पालने भारत के खिलाफ उपयोग करने का गंदा काम करना पड़ा है।रक्षा मंमंत्री की इस स्वीकारोक्ति के बाद पाक की मुसीबत आतंकवाद के मामले में बढ़ने वाली है।






