ठगों ने पुलिस को भी नहीं छोड़ा: कांस्टेबल से 20 लाख की ऑनलाइन ठगी

Fraudsters did not spare even the police: Constable duped of Rs 20 lakh online

ठगों ने पुलिस को भी नहीं छोड़ा: कांस्टेबल से 20 लाख की ऑनलाइन ठगी

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी में ऑनलाइन ठगों ने पुलिसकर्मी को ही अपना शिकार बना लिया। खम्हारडीह थाना क्षेत्र में पदस्थ आरक्षक पृथ्वीराज सिंह से 20 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने कांस्टेबल को मोटे मुनाफे का लालच देकर इस फ्रॉड को अंजाम दिया।

वर्चुअल मुनाफे का लालच, असली ठगी
पृथ्वीराज सिंह को ठगों ने एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म systembusiness.com के जरिए संपर्क किया। आरोप है कि वेबसाइट के कथित ऑनर राजेश विश्वकर्मा और आयुषी ने ऑनलाइन बिजनेस में भारी मुनाफा दिलाने का झांसा दिया। कांस्टेबल को टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा गया, जहां उसे निवेश करने पर वर्चुअल मुनाफा दिखाया जाता रहा।

अकाउंट वेरीफिकेशन के नाम पर मांगे और पैसे
आरक्षक ने अलग-अलग बैंक खातों में RTGS और NEFT से लाखों रुपये ट्रांसफर किए। जब वह मुनाफे की रकम निकालने की कोशिश करने लगा तो ठगों ने अकाउंट वेरीफिकेशन के नाम पर और 13 लाख रुपये की मांग कर डाली। इस पर आरक्षक को शक हुआ और उसने अपनी रकम वापस मांगी — लेकिन ठगों ने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया।

केस दर्ज, जांच शुरू
अब आरक्षक ने खम्हारडीह थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने इस मामले में धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आरोपियों की पहचान और ठिकाने का पता लगाया जा रहा है।

पुलिसकर्मी भी ठगी के शिकार, खतरे की घंटी
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि ऑनलाइन ठगी का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। आम नागरिक ही नहीं, अब सुरक्षा बलों के सदस्य भी साइबर जालसाजी के निशाने पर हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ज्यादा मुनाफे का लालच और कम जानकारी लोगों को ऐसे जाल में फंसा रही है।

    सावधान रहें — कोई भी निवेश सोच-समझकर करें, और अज्ञात प्लेटफॉर्म से दूरी बनाए रखें।