सड़क दुर्घटना के हिट एंड रन प्रकरणों में पीड़ितों को मुआवजा दिलाने प्रभावी कार्ययोजना
Effective action plan to provide compensation to victims in hit and run cases of road accidents
जिला कबीरधाम सड़क दुर्घटना के हिट एंड रन प्रकरणों में पीड़ितों को मुआवजा दिलाने प्रभावी कार्ययोजना – जिला स्तरीय मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक संपन्न
दिनांक 15.05.2025 को माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कबीरधाम श्रीमती सत्यभामा अजय दुबे के मार्गदर्शन एवं निर्देशानुसार तथा सुश्री राजेश्वरी सूर्यवंशी, प्रभारी सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण/मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कबीरधाम की अध्यक्षता में जिला स्तरीय मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अनुविभागीय दंडाधिकारी कवर्धा श्री मुकेश रावटे उप पुलिस अधीक्षक श्री कृष्ण कुमार चंद्राकर, एवं तहसीलदार श्री परमेश्वर मंडावी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
बैठक में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश दिनांक 12.01.2024 (रिट याचिका सिविल क्रमांक 295/2012) के परिपालन में हिट एंड रन सड़क दुर्घटना योजना, 2022 के क्रियान्वयन पर चर्चा की गई। सभी थाना प्रभारियों को यह सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया कि यदि दुर्घटना के एक माह में वाहन की पहचान नहीं हो पाती है तो घायल/मृतक के परिजनों को मुआवजा दावे की प्रक्रिया की जानकारी लिखित रूप में दी जाए।
साथ ही क्लेम इन्क्वायरी ऑफिसर को प्राप्त प्रथम दुर्घटना रिपोर्ट एवं अन्य दस्तावेजों को एक माह में क्लेम सेटलमेंट कमिशन को भेजने हेतु कहा गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि 01 अप्रैल 2022 के पश्चात् हिट एंड रन के सभी प्रकरणों की समीक्षा कर दावा प्रस्तुत न कर पाने वालों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से सहयोग प्रदान किया जाएगा।
योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु सभी थानों में बैनर, पंपलेट्स लगाए जाएंगे तथा संबंधित अधिकारियों की जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। साथ ही थानों में नियुक्त पैरालीगल वॉलंटियर्स को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, ताकि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के आम नागरिक भी इस योजना का अधिकतम लाभ ले सकें।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आमजन से अपील करता है कि यदि किसी परिचित या परिजन की मृत्यु/चोट हिट एंड रन दुर्घटना में हुई है, तो वे इस योजना के तहत मुआवजा दावा प्रस्तुत करें। अधिक जानकारी के लिए अपने नजदीकी थाना, तहसील कार्यालय या जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क करें।






