डिजिटल टोकन व्यवस्था से सशक्त हो रहे किसान

Digital token system empowers farmers

डिजिटल टोकन व्यवस्था से सशक्त हो रहे किसान

किसान तुंहर टोकन ऐप ने धान विक्रय प्रक्रिया बनाई सरल और पारदर्शी

रायपुर, 15 जनवरी 2026

छत्तीसगढ़ में धान उपार्जन प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और किसान हितैषी बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए गए सुधारों का व्यापक लाभ किसानों को मिल रहा है। किसान तुंहर टोकन मोबाइल ऐप के माध्यम से घर बैठे ऑनलाइन टोकन प्राप्त करने की सुविधा ने धान विक्रय प्रक्रिया को आसान, समयबद्ध और व्यवस्थित बना दिया है।

अंबिकापुर के ग्राम पंचायत करजी के लघु सीमांत किसान श्री धर्मसाय ने बताया कि उनके पास कुल 84 क्विंटल धान का रकबा है और उन्होंने ऐप के माध्यम से घर बैठे 64 क्विंटल धान के लिए टोकन प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन सुविधा ने समिति कार्यालय की भीड़ और अनावश्यक भागदौड़ समाप्त कर दी है, जिससे किसानों का समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है।

निर्धारित तिथि पर धान उपार्जन केन्द्र पहुंचने पर श्री धर्मसाय को गेट पास, धान की नमी जांच और बारदाना उपलब्ध कराने की प्रक्रिया निर्बाध रूप से संपन्न हुई। उन्होंने बताया कि इस वर्ष व्यवस्था पूरी तरह सुव्यवस्थित है और धान विक्रय में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आई। उपार्जन केन्द्रों पर पेयजल, छायादार बैठने की व्यवस्था तथा समिति कर्मचारियों द्वारा सहयोग जैसे प्रबंध किसानों के लिए बड़ी राहत साबित हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा धान का समर्थन मूल्य ₹3100 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान की खरीदी की जा रही है। इस कदम से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में तेजी आई है। साथ ही किसान धान के साथ गेहूं, तिलहन और सब्जी उत्पादन की ओर भी अग्रसर हो रहे हैं, जिससे आय के स्रोत विविध हो रहे हैं।
श्री धर्मसाय ने धान खरीदी व्यवस्था को किसान हितैषी बताते हुए राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल पारदर्शिता, बेहतर मूल्य और सुविधाजनक खरीदी व्यवस्था के कारण किसान आत्मविश्वास से भर रहे हैं और प्रदेश का ग्रामीण कृषि तंत्र मजबूत हो रहा है।