ज्योतिषियों की बेटियां बनीं देश की आंखों का तारा, अंडर-19 टी-20 वर्ल्ड कप के लिए हुईं सिलेक्ट
Daughters of astrologers became the apple of the nation's eye, got selected for Under-19 T-20 World Cup
इंदौर। मध्य प्रदेश के दो सामान्य ब्राह्मण परिवार, जहां वेदों की ऋचाएं, कर्मकांड और ज्योतिष शास्त्र दैनिक जीवन का हिस्सा और आजीविका का साधन है। सितारों की चाल नापकर आमजन का जीवन सुगम बनाने वाले इन परिवारों की बेटियां अब आमजन के लिए सितारा बन चुकी हैं।
इंदौर की आयुषी शुक्ला और ग्वालियर की वैष्णवी शर्मा अपने खेल कौशल से भारतीय क्रिकेट टीम में शामिल हुई हैं। जिस चुनौती के लिए इन्हें चुना गया है वह अंडर-19 महिला टी-20 विश्व कप की है। दोनों बेटियां अपने प्रदर्शन से टीम में जीत का मंत्र फूंकने को तैयार हैं।
भारतीय टीम के स्टैंड बाय में इंदौर की अनादी तागड़े को भी शामिल किया गया है। आयुषी के पिता लालजी शुक्ला जीवनयापन के लिए पंडिताई करते हैं। एक बार पूजन करने पूर्व भारतीय महिला कप्तान संध्या अग्रवाल के घर गए तो उन्होंने बेटी को क्रिकेटर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। अभी देवआशीष निलोसे के मार्गदर्शन में परिश्रम कर रही है।
भारतीय टीम तक के सफर में दोनों खिलाड़ियों के साथ इनके परिवार का भी त्याग शामिल है। देवगुराड़िया क्षेत्र से जिमखाना मैदान की दूरी कुछ आठ से 10 किमी की है। पिता लालजी बताते हैं, पहले आयुषी साइकिल से जाती थी, लेकिन अब मैं या इसका भाई साथ जाते हैं। जब तक उसका अभ्यास चलता है हम मैदान पर ही रहते हैं।
आधा घंटा धूप में खड़ी रही, फिर टीम में सिलेक्ट हुई
अनादि की मां दीप्ति क्रिकेटर रही हैं। नौ साल की उम्र में अंडर-19 टीम में चयन के लिए गई तो चयनकर्ताओं ने कहा कि इतनी छोटी बच्ची क्रिकेट कैसे खेलेगी। आधा घंटा धूप में खड़ी नहीं रह पाएगी। इस पर अनादि आधा घंटा धूप में खड़ी रही और फिर टीम में चयनित भी हुई। हाल ही में अनादि को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज के लिए भारतीय टीम में स्थान मिला था।
वैष्णवी के पिता भी पेशे से ज्योतिषी हैं
ग्वालियर की वैष्णवी शर्मा के घर में खेल या क्रिकेट से सीधा जुड़ाव नहीं रहा। पिता नरेंद्र शर्मा पेशे से ज्योतिषी हैं और जीवाजी विश्वविद्यालय में पढ़ाते हैं। मगर बेटी को क्रिकेटर बनना था तो पूरे परिवार ने सहयोग किया।






