बंगलादेश तय करे कि भारत के साथ किस तरह का संबंध चाहता है : जयशंकर
Bangladesh should decide what kind of relationship it wants with India: Jaishankar
नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को बंगलादेश के अंतरिम सरकार के सलाहकारों द्वारा जारी भारत विरोधी बयानबाजी को ‘बिल्कुल हास्यास्पद’ करार देते हुए कहा कि उसे (बंगलादेश) यह तय करना होगा कि वह भारत के साथ किस तरह का संबंध चाहता है।
डॉ जयशंकर ने दिल्ली विश्वविद्यालय साहित्य महोत्सव में बंगलादेश पर एक सवाल के जवाब में कहा , हम अपने पड़ोसियों के साथ संबंध अच्छे होने की कामना करते हैं। बंगलादेश के साथ हमारा एक लंबा इतिहास है। यह एक बहुत ही खास इतिहास है जो 1971 से चला आ रहा है। उन्होंने 05 अगस्त-2024 को प्रधानमंत्री शेख हसीना को हटाए जाने और मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में सेना समर्थित अंतरिम सरकार की स्थापना का जिक्र करते हुए कहा, अब पिछले साल वहां क्या हुआ, आप सभी जानते हैं।
उन्होंने बंगलादेश की स्थिति के दो पहलुओं का हवाला दिया और कहा, “ये भारत के लिए बहुत परेशान करने वाला है। एक है बंगलादेश में अल्पसंख्यकों पर हमलों की बाढ़। मुझे लगता है कि यह स्पष्ट रूप से कुछ ऐसा है जो हमारी सोच को प्रभावित करता है और यह कुछ ऐसा है जिसके बारे में हमें बोलना चाहिए, जो हमने किया है।... लेकिन जाहिर है कि हम ऐसे संदेश और संकेत नहीं देखना चाहेंगे जो लगातार भारत के प्रति शत्रुतापूर्ण हों।
इससे पहले शुक्रवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अंतरिम सरकार में सलाहकारों द्वारा भारत विरोधी टिप्पणियों और भारत के व्यवहार पर इसके क्या प्रभाव होंगे, इस पर पूछे गये सवाल का जवाब देते हुए कहा , हां, हमने स्पष्ट रूप से ऐसी टिप्पणियों पर ध्यान दिया है जो निश्चित रूप से मददगार नहीं हैं। यह संबंधित व्यक्तियों पर निर्भर करता है कि वे अपने विशेष डोमेन के लिए निहितार्थों पर विचार करें।






