क्या सचमुच पीथमपुर से अपने गांव और घर लौट रहे हैं लोग, तारपुरा में किराए के घर हो रहे खाली

Are people really returning to their villages and homes from Pithampur, rented houses are getting vacant in Tarpura

क्या सचमुच पीथमपुर से अपने गांव और घर लौट रहे हैं लोग, तारपुरा में किराए के घर हो रहे खाली

 पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड का कचरा जलाने को लेकर विरोध जारी है। कचरे के आने से पीथमपुर के लोगों में भय का माहौल है। दो दिनों से पथराव व लाठी चार्ज सहित अन्य घटनाएं भी हो चुकी हैं। सूत्रों के अनुसार दो दिनों में पीथमपुर में 250 से अधिक तत्काल टिकट बुक किए गए हैं।

यहां रहने वाले श्रमिक व कर्मचारी अपने गांव व गृहनगर लौट रहे हैं। इसमें ज्यादातार रीवा, सागर, इटारसी, होशंगाबाद और उत्तरप्रदेश के लोग हैं। कई लोग तो निजी वाहन और बसों से परिवार के साथ पलायन कर चुके हैं।

कोई भी आधिकारिक पुष्टि नहीं

हालांकि इसको लेकर अब तक कोई भी अधिकारिक पुष्टि नहीं कर रहा है। तारपुरा गांव में भी अब किराए से रहने वाले कई परिवार मकान खाली कर जा चुके हैं। पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड के कचरे को जलाने के विरोध में तीन दिन से बवाल जारी है।

इसके साथ ही सोशल मीडिया पर अफवाहें भी फैल रही हैं जिसके कारण लोग आक्रोशित हो रहे हैं और बार-बार शांति व्यवस्था भी भंग हो रही है। इसको लेकर धार जिला अधिकारी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 लागू की है।

प्रतिबंधात्मक आदेश जारी

इसके तहत बताया गया कि कचरे को लाकर रखे जाने के बाद असामाजिक व शरारती तत्वों द्वारा सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर लोगों में भ्रांति एवं भय का वातावरण बनाने की सूचनाएं मिल रही हैं। इसके लिए जनसामान्य सुरक्षा एवं लोक शांति बनाए रखने के लिए तत्काल रूप से प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया है।

अप्रमाणिक तथ्य नहीं शेयर करें

इसके तहत कोई भी व्यक्त्ति सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म जैसे- फेसबुक, वॉट्सएप, एक्स हैंडल, एसएमएस, इंस्टाग्राम इत्यादि का दुरुपयोग कर यूका के रासायनिक कचरे के संबंध में अप्रमाणिक तथ्य और सूचनाएं प्रसारित नहीं करेगा। इसमें फोटो, वीडियो, आडियो आदि शामिल है। आदेश का उल्लंघन करने की दशा में संबंधित के धारा 163 (2) के तहत कार्रवाई की जाएगी।