पुलिस चेतावनी के बाद फिर दुबारा मिले विजय पाण्डेय के फेक्ट्री में कई संदिग्ध कर्मचारी
After police warning, many suspicious workers were found again in Vijay Pandey's factory
भिलाई। छत्तीसगढ़ में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी व रोहिंग्यो घुसपैठियों की पहचान कर उनके विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही करने बुधवार को विशेष टीम गठित कर दुर्ग जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में दबिश देकर फैक्ट्री व लकड़ी चालों, भीड़-भाड़ वाले रहवासी क्षेत्रों रहने वाले किरायेदारों को चेक किया गया। चेकिंग के दौरान छावनी अनुविभाग अंतर्गत ट्रांसपोर्ट नगर हथखोज एवं पुरैना में लगभग 65 लोगों की जांच की गई। इस दौरान 15 संदहियों का फिगर प्रिंट लिया गया।
इसी कम में भिलाई नगर अनुविभाग में कांट्रेक्टर कॉलोनी पुरानी बस्ती, पांच रास्ता के आस-पास निवासरत व अन्यत्र स्थानों से आकर किराये से रहने वाले लोगों को चेक किया गया जिसमें किराये के मकान में कुल 201 व्यक्तियों को चेक किया गया जिसमें किरायेदार लोगों की ज्यादातर आस-पास के जिले की संख्या है किसी प्रकार का संदेही नही मिला मकान मालिक को किरायेदार का परिचय पत्र पूर्ण पता आवश्यक जानकारी लेकर थाने में सूचना देने हिदायत दिया गया। पाटन अनुविभाग में थाना उतई क्षेत्र में ग्राम डुमरडीह, महकाकला क्षेत्र में विजय पाण्डे के आरा मशीन, प्लॉई वुड की फैक्ट्री तथा जिंदल प्लॉई वुड फैक्ट्री में एवं थाना पाटन क्षेत्र के आरा मिल में कार्यरत कुल 208 लोगों को चेक किया गया जिसमें 88 लोंगों का फिगर प्रिंट लिया गया।
ज्ञातव्य हो कि गत माह पुलिस विजय पाण्डेय के फेक्ट्री में छापा मारी तो एस समय भी कई संदिग्ध कर्मचारी इनके फेक्ट्री में मिले थे, उसके बाद पुलिस ने विजय पाण्डेय को चेतावनी दी थी कि दुबारा ऐसी स्थिति नही आनी चाहिए और जो भी कर्मचारी रखेंगे उसकी जानकारी पुलिस थाने में देना पडेगा। लेकिन उसका कोई फर्क नही पडा और जब बुधवार को फिर दुर्ग पुलिस की टीम ने इनके यहां जांच करने पहुंची तो कई मजदूर संदिग्ध मिले। उक्त अभियान संबंधित क्षेत्रों के अनुविभागीय अधिकारी के नेतृत्व में संबंधित थाना प्रभारियों के साथ उनके थाना का बल एवं रक्षित केन्द्र दुर्ग से प्राप्त बल की टीम द्वारा कुल 474 लोगों को चेक कर 103 संदेहियों का फिंगर प्रिंट लिया गया।






