36 साल बाद फ्लैट आवंटी के हक में फैसला, दिल्ली हाईकोर्ट ने DDA को दिया निर्देश
After 36 years, decision in favor of flat allottee, Delhi High Court gives direction to DDA
दिल्ली हाईकोर्ट(Delhi High Court) ने एक व्यक्ति को बड़ी राहत प्रदान की है, जो पिछले 36 वर्षों से फ्लैट के लिए संघर्ष कर रहा था. कोर्ट ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) को आदेश दिया है कि वह याचिकाकर्ता को दो महीने के भीतर उसी सोसाइटी और वर्ग के फ्लैट का आवंटन करे. इसके साथ ही, रजिस्ट्रार कॉपरेटिव सोसाइटी (RCS) को भी निर्देश दिया गया है कि वह याचिकाकर्ता के फ्लैट को मंजूरी देकर संबंधित फाइल DDA को भेजे.
जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और जस्टिस रजनीश कुमार गुप्ता की बेंच ने इस मामले में निर्णय सुनाते हुए कहा कि याचिकाकर्ता अपने अधिकार के लिए काफी समय से संघर्ष कर रहा है, और अब और देरी उचित नहीं है. हाईकोर्ट ने पहले भी दो बार आदेश दिए थे कि याचिकाकर्ता की बात सुनी जाए, लेकिन प्रतिवादी आरसीएस और डीडीए ने पत्राचार तो किया, परंतु कोई ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंचे. बेंच ने यह भी स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता ने अपने अधिकार से संबंधित सभी दस्तावेज प्रस्तुत कर दिए हैं, और अब इसमें कोई संदेह नहीं रह जाना चाहिए कि वह सोसायटी में उसी मूल्य पर फ्लैट पाने का हकदार है, जिसका भुगतान उसने 1989 में किया था.
याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में उल्लेख किया कि वह 19 मई 1986 को प्रतिवादी सोसाइटी का सदस्य बना. इसके बाद, 9 मार्च 1987 को सोसायटी ने उसे बिक्री प्रमाण पत्र प्रदान किया. जब सोसायटी को डीडीए से भूमि प्राप्त हुई, तो याचिकाकर्ता ने 15 अप्रैल 1989 को संबंधित सोसाइटी में फ्लैट के लिए दो लाख 15 हजार रुपये जमा किए, लेकिन उसे फ्लैट आवंटित नहीं किया गया.
याचिकाकर्ता ने पहले दो बार उच्च न्यायालय का सहारा लिया, लेकिन हर बार दस्तावेजों की जांच के कारण मामला आगे नहीं बढ़ सका. इस बार, न्यायालय ने याचिकाकर्ता को दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश दिया और आरसीएस तथा DDA को दस्तावेज सौंपकर फ्लैट आवंटित करने का आदेश दिया.
याचिकाकर्ता को अन्य बकाए के भुगतान को कहा
हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को निर्देश दिया है कि वह वर्तमान में सोसाइटी के रखरखाव के लिए जो भी राशि बनती है, उसका भुगतान करें. इसके बाद, आरसीएस मंजूरी पत्र जारी करेगा और डीडीए अन्य प्रक्रियाओं को पूरा करके फ्लैट पर कब्जा प्रदान करेगा.






