रेसाई परियोजना में डूब प्रभावित परिवारों को प्लॉट आवंटित:तीन साल से लंबित प्रकरण, तीन माह में निपटे; अब तक 475 प्लॉट दिए गए
रेसाई परियोजना में डूब प्रभावित परिवारों को प्लॉट आवंटित:तीन साल से लंबित प्रकरण, तीन माह में निपटे; अब तक 475 प्लॉट दिए गए
सीहोर में पार्वती नदी पर राजगढ़-सीहोर के बीच में बने वृहद पार्वती बंधान रेसाई परियोजना में डूब प्रभावित परिवारों को प्लॉट आवंटित किए गए हैं। करीब तीन साल से इस प्रक्रिया में विलंब हो रहा था। जिसके कारण सैकड़ों प्रकरण लंबित थे। बीते दिनों श्यामपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 475 परिवारों को प्लॉट आवंटित किए गए हैं। वृहद पार्वती बंधान रेसाई परियोजना में सीहोर विधानसभा क्षेत्र के कई गांव प्रभावित हुए हैं। जिनमें महुआखेड़ा, रावतखेड़ा, चांदबढ जागीर, गवां शामिल हैं। डैम निर्माण में सैकड़ों ग्रामीणों की जमीनें अधिग्रहित की गईं। वर्ष 2018 में भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू की गई थी और 2021 में डूब प्रभावित ग्रामीणों को प्लॉट आवंटित किए जाने थे लेकिन दावे आपत्ति के निपटारे और मुआवजा वितरण प्रक्रिया में देरी के चलते मामले लंबित होते चले गए। गवां की पहाड़ी पर विस्थापित किया जाएगा
एसडीएम तन्मय वर्मा ने बताया कि रेसाई परियोजना से जुड़ी प्लॉट आवंटन की प्रक्रिया में तीन साल से लंबित प्रकरणों का बीते तीन महीनों में निराकरण किया गया है। एसडीएम ने बताया कि डूब प्रभावित लोगों को गवां की पहाड़ी पर विस्थापित किया जाएगा। जहां करीब 18 हेक्टेयर में कॉलोनी निर्माण की जा रही है। जिसमें सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, विद्यालय, आँगनबाड़ी भवन, सामुदायिक भवन, चौपालें बनाई जा रहीं हैं। 475 डूब प्रभावित परिवारों को आवंटित किए गए प्लॉट में ग्राम महुआखेड़ा 271, रावतखेड़ा 201 और चांदबढ़ के 27 परिवारों को प्लाट आवंटित किए गए हैं। कोई छूटे न इसलिए दोबारा कराया सर्वे
राजस्व विभाग सीहोर द्वारा विस्थापन के लिए जल संसाधन विभाग नरसिंहगढ को गवां की पहाड़ी पर जमीन दे दी थी, लेकिन प्लॉट आवंटन प्रक्रिया में देरी हुई। एसडीएम तन्मय वर्मा ने बताया कि कोई भी पात्र ग्रामीण मुआवजे से वंचित न रह जाए इसके लिए दोबारा से डूब प्रभावित गांवों का सर्वे कराया गया। मूलधारा से इतर 18 वर्ष वालों को शामिल किया गया। जिससे कई लोगों को लाभ हुआ। एसडीएम तन्मय वर्मा के अनुसार दावे आपत्ती और मुआवजे संबंधी प्रकरणों पर सुनवाई की जा रही है। डूब प्रभावित ग्रामीणों के हितों को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन कार्रवाई कर रहा है। प्लॉट आवंटित किए जा रहे हैं।
सीहोर में पार्वती नदी पर राजगढ़-सीहोर के बीच में बने वृहद पार्वती बंधान रेसाई परियोजना में डूब प्रभावित परिवारों को प्लॉट आवंटित किए गए हैं। करीब तीन साल से इस प्रक्रिया में विलंब हो रहा था। जिसके कारण सैकड़ों प्रकरण लंबित थे। बीते दिनों श्यामपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 475 परिवारों को प्लॉट आवंटित किए गए हैं। वृहद पार्वती बंधान रेसाई परियोजना में सीहोर विधानसभा क्षेत्र के कई गांव प्रभावित हुए हैं। जिनमें महुआखेड़ा, रावतखेड़ा, चांदबढ जागीर, गवां शामिल हैं। डैम निर्माण में सैकड़ों ग्रामीणों की जमीनें अधिग्रहित की गईं। वर्ष 2018 में भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू की गई थी और 2021 में डूब प्रभावित ग्रामीणों को प्लॉट आवंटित किए जाने थे लेकिन दावे आपत्ति के निपटारे और मुआवजा वितरण प्रक्रिया में देरी के चलते मामले लंबित होते चले गए। गवां की पहाड़ी पर विस्थापित किया जाएगा
एसडीएम तन्मय वर्मा ने बताया कि रेसाई परियोजना से जुड़ी प्लॉट आवंटन की प्रक्रिया में तीन साल से लंबित प्रकरणों का बीते तीन महीनों में निराकरण किया गया है। एसडीएम ने बताया कि डूब प्रभावित लोगों को गवां की पहाड़ी पर विस्थापित किया जाएगा। जहां करीब 18 हेक्टेयर में कॉलोनी निर्माण की जा रही है। जिसमें सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, विद्यालय, आँगनबाड़ी भवन, सामुदायिक भवन, चौपालें बनाई जा रहीं हैं। 475 डूब प्रभावित परिवारों को आवंटित किए गए प्लॉट में ग्राम महुआखेड़ा 271, रावतखेड़ा 201 और चांदबढ़ के 27 परिवारों को प्लाट आवंटित किए गए हैं। कोई छूटे न इसलिए दोबारा कराया सर्वे
राजस्व विभाग सीहोर द्वारा विस्थापन के लिए जल संसाधन विभाग नरसिंहगढ को गवां की पहाड़ी पर जमीन दे दी थी, लेकिन प्लॉट आवंटन प्रक्रिया में देरी हुई। एसडीएम तन्मय वर्मा ने बताया कि कोई भी पात्र ग्रामीण मुआवजे से वंचित न रह जाए इसके लिए दोबारा से डूब प्रभावित गांवों का सर्वे कराया गया। मूलधारा से इतर 18 वर्ष वालों को शामिल किया गया। जिससे कई लोगों को लाभ हुआ। एसडीएम तन्मय वर्मा के अनुसार दावे आपत्ती और मुआवजे संबंधी प्रकरणों पर सुनवाई की जा रही है। डूब प्रभावित ग्रामीणों के हितों को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन कार्रवाई कर रहा है। प्लॉट आवंटित किए जा रहे हैं।