मेरे माता-पिता ने झेली कई मुश्किलें, फिर भी एक्टिंग के लिए किया प्रोत्साहित: सानंद वर्मा

मुंबई, 8 जुलाई । एक्टर सानंद वर्मा आज इंडस्ट्री के नामी स्टार हैं। वह फेमस टीवी शो भाबी जी घर पर है में अनोखेलाल सक्सेना के किरदार से घर-घर में जाने जाते हैं। सानंद बताते हैं कि कड़ी मेहनत के दम पर जो मुकाम हासिल उन्होंने हासिल किया उसका सफर बिल्कुल भी आसान नहीं था। पर्दे पर सबको हंसाने वाले सानंद ने अपने जीवन के संघर्ष को याद किया। अपने सफर के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, मैं खुद को नेचुरल एक्टर मानता हूं। मैं चिलचिलाती गर्मी में भी देव आनंद जी की तरह शर्ट पहनता हूं और ऊपर का बटन बंद करके रखता हूं। मैं कोई भी किरदार सहजता से निभा सकता हूं। मेरे पिता साहित्यकार थे, वह अक्सर कहा करते थे कि वे चाहते हैं कि मैं हरिवंश राय बच्चन और अमिताभ बच्चन की तरह एक महान अभिनेता बनूं। उनके शब्दों ने मुझे छोटी उम्र से ही प्रेरित किया। एक्टर ने कहा, मेरे माता-पिता, खासकर मेरी मां ने कई मुश्किलों का सामना किया। मेरे जीवन में उनका योगदान बहुत बड़ा है। मेरे पिता ने मुझे अपने पैशन को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। मेरे परिवार और अन्य लोगों ने मुझे हमेशा आशीर्वाद दिया और इसके लिए मैं उनका आभारी हूं। सानंद ने आगे कहा, एक्टर्स को लगातार अपने हुनर ​​को बेहतर बनाने का प्रयास करना चाहिए। मैं हर चीज सीखने में विश्वास करता हूं। जब भी कोई नया किरदार मेरे सामने आता है, तो मैं पूरी तरह से तैयारी करता हूं। सीमित समय होने के बावजूद, मैं आगे बढ़ने का प्रयास करता हूं। पिछले कुछ सालों में, मैंने सिर्फ एक्टिंग के बजाय नेचुरल रिएक्शन पर भी फोकस किया है। अगर आप अपने पिछले काम से संतुष्ट नहीं हैं, तो इसका मतलब है कि आप आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा, मैंने मधुर भंडारकर की बबली बाउंसर और इंडिया लॉकडाउन जैसी फिल्मों में अलग-अलग तरह के किरदार निभाए। भाबीजी घर पर हैं में मैं अनोखेलाल सक्सेना की भूमिका निभा रहा हूं। इंडिया लॉकडाउन में मैं एक दलाल की भूमिका निभाई। मेरा लक्ष्य प्रत्येक नए प्रोजेक्ट में कुछ अलग और चुनौतीपूर्ण करने के लिए खुद को प्रेरित करना है। सानंद वर्मा ने टीवी शो के साथ-साथ सेक्रेड गेम्स, अपहरण, गिल्टी माइंड्स, किंग स्वीटी, कैप्सूल गर्ल, गगन हूं और सुपर वुमन जैसी वेब सीरीज और छिछोरे, रेड, थैंक गॉड और मर्दानी जैसी फिल्मों में काम किया हैं।(आईएएनएस)

मेरे माता-पिता ने झेली कई मुश्किलें, फिर भी एक्टिंग के लिए किया प्रोत्साहित: सानंद वर्मा
मुंबई, 8 जुलाई । एक्टर सानंद वर्मा आज इंडस्ट्री के नामी स्टार हैं। वह फेमस टीवी शो भाबी जी घर पर है में अनोखेलाल सक्सेना के किरदार से घर-घर में जाने जाते हैं। सानंद बताते हैं कि कड़ी मेहनत के दम पर जो मुकाम हासिल उन्होंने हासिल किया उसका सफर बिल्कुल भी आसान नहीं था। पर्दे पर सबको हंसाने वाले सानंद ने अपने जीवन के संघर्ष को याद किया। अपने सफर के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, मैं खुद को नेचुरल एक्टर मानता हूं। मैं चिलचिलाती गर्मी में भी देव आनंद जी की तरह शर्ट पहनता हूं और ऊपर का बटन बंद करके रखता हूं। मैं कोई भी किरदार सहजता से निभा सकता हूं। मेरे पिता साहित्यकार थे, वह अक्सर कहा करते थे कि वे चाहते हैं कि मैं हरिवंश राय बच्चन और अमिताभ बच्चन की तरह एक महान अभिनेता बनूं। उनके शब्दों ने मुझे छोटी उम्र से ही प्रेरित किया। एक्टर ने कहा, मेरे माता-पिता, खासकर मेरी मां ने कई मुश्किलों का सामना किया। मेरे जीवन में उनका योगदान बहुत बड़ा है। मेरे पिता ने मुझे अपने पैशन को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। मेरे परिवार और अन्य लोगों ने मुझे हमेशा आशीर्वाद दिया और इसके लिए मैं उनका आभारी हूं। सानंद ने आगे कहा, एक्टर्स को लगातार अपने हुनर ​​को बेहतर बनाने का प्रयास करना चाहिए। मैं हर चीज सीखने में विश्वास करता हूं। जब भी कोई नया किरदार मेरे सामने आता है, तो मैं पूरी तरह से तैयारी करता हूं। सीमित समय होने के बावजूद, मैं आगे बढ़ने का प्रयास करता हूं। पिछले कुछ सालों में, मैंने सिर्फ एक्टिंग के बजाय नेचुरल रिएक्शन पर भी फोकस किया है। अगर आप अपने पिछले काम से संतुष्ट नहीं हैं, तो इसका मतलब है कि आप आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा, मैंने मधुर भंडारकर की बबली बाउंसर और इंडिया लॉकडाउन जैसी फिल्मों में अलग-अलग तरह के किरदार निभाए। भाबीजी घर पर हैं में मैं अनोखेलाल सक्सेना की भूमिका निभा रहा हूं। इंडिया लॉकडाउन में मैं एक दलाल की भूमिका निभाई। मेरा लक्ष्य प्रत्येक नए प्रोजेक्ट में कुछ अलग और चुनौतीपूर्ण करने के लिए खुद को प्रेरित करना है। सानंद वर्मा ने टीवी शो के साथ-साथ सेक्रेड गेम्स, अपहरण, गिल्टी माइंड्स, किंग स्वीटी, कैप्सूल गर्ल, गगन हूं और सुपर वुमन जैसी वेब सीरीज और छिछोरे, रेड, थैंक गॉड और मर्दानी जैसी फिल्मों में काम किया हैं।(आईएएनएस)