वायु सेना की क्षमता बढ़ाने के लिए मिलकर काम करें
Work together to enhance the capabilities of the Air Force
नई दिल्ली। वायु सेना में लड़ाकू विमानों की कमी को पूरा करने की कवायद के बीच इसकी क्षमता बढ़ाने और आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को हासिल करने के बारे में सुझाव और सिफारिशें देने के लिए गठित अधिकार प्राप्त समिति ने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन डीआरडीओ, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और निजी क्षेत्र से साझा लक्ष्य को हासिल करने के लिए मिलकर काम करने को कहा है।
रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की अध्यक्षता वाली समिति ने सोमवार को यहां रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को समिति की रिपोर्ट सौंपी। समिति ने मुख्य क्षेत्रों की पहचान कर वायु सेना के वांछित क्षमता वृद्धि लक्ष्यों को बेहतर तरीके से प्राप्त करने के लिए अल्प, मध्यम और दीर्घकालिक सिफारिशें की हैं। रिपोर्ट में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और डीआरडीओ के प्रयासों को निजी क्षेत्र द्वारा पूरक बनाकर एयरोस्पेस डोमेन में 'आत्मनिर्भरता' को बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन की आवश्यकता को भी रेखांकित किया गया है।
रक्षा मंत्री ने समिति के काम की सराहना की और निर्देश दिया कि सिफारिशों का समयबद्ध तरीके से पालन किया जाए। सभी मुद्दों की समग्र रूप से जांच करने और एक स्पष्ट कार्य योजना तैयार करने के लिए रक्षा मंत्री के निर्देश पर समिति का गठन किया गया था।
समिति में वायु सेना के उप प्रमुख, सचिव (रक्षा उत्पादन), रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष, महानिदेशक अधिग्रहण सदस्य शामिल थे।






