टीचर ने अकेला पाकर किया था किस, तो छात्रा ने दे दी थी जान... पुलिस से बचने महाकुंभ में साधु बनकर घूमता रहा

When the teacher found the student alone, he kissed her, then the student killed herself... To escape from the police, he kept roaming in Maha Kumbh disguised as a sadhu

टीचर ने अकेला पाकर किया था किस, तो छात्रा ने दे दी थी जान... पुलिस से बचने महाकुंभ में साधु बनकर घूमता रहा

भोपाल। सूखी सेवनिया स्थित एक स्कूल में 11वीं की छात्रा से छेड़छाड़ कर उसे खुदकुशी के लिए उकसाने वाले शिक्षक को पुलिस ने बिहार के कैमूर से गिरफ्तार किया है। आरोपित छात्रा की खुदकुशी के बाद भोपाल से बिहार स्थित अपने घर भाग गया था और फिर वहां से परिवार समेत प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ में साधु के वेश में घूम रहा था।

माघ पूर्णिमा का स्नान करने के बाद वह वापस कैमूर स्थित अपने घर पहुंचा तो पुलिस को जानकारी मिल गई और फिर आरोपित शिक्षक को उसके घर से गिरफ्तार किया गया। भोपाल लाकर शनिवार को उसे कोर्ट में पेश किया गया।

सूखीसेवनिया थाना प्रभारी रामबाबू चौधरी ने बताया कि 25 जनवरी को स्कूल में छात्रा से छेड़छाड़ के बाद 26 जनवरी को जैसे ही आरोपित को छात्रा की मौत की खबर मिली तो वह पहले बिहार में कैमूर के अलीपुर स्थित अपने घर भाग गया था।

वहां उसने मोबाइल फोन बंद कर दिया और एक दिन बाद पूरे परिवार के साथ प्रयागराज चला गया। महाकुंभ में उसने फोन चालू किया तो पुलिस को उसकी लोकेशन मिली। पुलिस ने 31 जनवरी को उसके विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर तलाश शुरू की। पुलिस पहले उसके घर पहुंची, जहां ताला लगा मिला।

फिर प्रयागराज में पुलिसकर्मियों ने साधु के वेष में उसे पकड़ने के लिए एक सप्ताह तक प्रयास किया। हालांकि इस दौरान पुलिस को सफलता नहीं मिल सकी। माघ पूर्णिमा पर स्नान के बाद आरोपित वापस कैमूर स्थित घर चला गया था। यह जानकारी जैसे ही पुलिस को मिली तो पुलिस ने दबिश देकर आरोपित को पकड़ा।

छात्रा की मौत के बाद से फरार था आरोपित

सूखीसेवनिया स्थित एक निजी स्कूल में 25 जनवरी को अंग्रेजी के शिक्षक नितीश दुबे ने छुट्टी के दौरान 11वीं की छात्रा को क्लास में अकेला पाकर उससे छेड़छाड़ की थी। इससे दुखी छात्रा ने रात में जहर खा लिया था।

अगले दिन 26 जनवरी को उसकी तबीयत बिगड़ी तो स्वजन अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां छात्रा ने अपने पिता को छेड़छाड़ की पूरी घटना बताई और कुछ देर बाद दम तोड़ दिया।

पुलिस ने इस मामले को दबाकर रखा और स्पष्ट बयानों के बावजूद चार दिन बाद आरोपित शिक्षक पर प्रकरण दर्ज किया। बाद में पिता जब न्याय की गुहार लगाता हुआ कलेक्ट्रेट आफिस पहुंचा, तब मामला सामने आया।