1 घंटे की सभा में मोदी की गारंटी का जिक्र तक नहीं : विनोद चंद्राकर

There was no mention of Modi's guarantee in the 1 hour long meeting: Vinod Chandrakar

1 घंटे की सभा में मोदी की गारंटी का जिक्र तक नहीं : विनोद चंद्राकर

महासमुंद। पूर्व संसदीय सचिव छ.ग. शासन व महासमुंद के पूर्व विधायक विनोद सेवनलाल चंद्राकर ने कहा कि छग प्रवास के दाैरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रदेशवासियों, शासकीय कर्मचारियों, संविदा कर्मियों, दैवेभो कर्मी व पंचायत सचिवों को उम्मीद थी कि भाजपा द्वारा विधानसभा चुनाव के दाैरान मोदी की गारंटी बताकर जो वादे किए गए थे, उसे लेकर पीएम मोदी कोई अहम निर्णय लेंगे। लेकिन, ऐसा कुछ नहीं हुआ। पीएम मोदी आए और बड़ी-बड़ी जुमला हांक कर लाैट गए। उन्होंने 1 घंटे के सभा में मोदी की गारंटी का जिक्र तक नहीं किया।

चंद्राकर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा समस्त भाजपाइयों का एक ही ध्येय वाक्य है, और वह है केवल कांग्रेस का विरोध। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिलासपुर प्रवास के दाैरान हजारों लोगों के बीच सिर्फ कांग्रेस के विरूद्ध जहर उगलने का काम किया। शायद उन्होंने ऐसा इसलिए किया क्योंकि, विगत 11 साल के कार्यकाल में प्रधानमंत्री के पास ऐसा कोई उपलिब्ध नहीं जिसे देशवासियों के समक्ष वे रख सकें। मोदी ने अपने 11 साल के कार्यकाल में केवल हिंसा, नफरत और गृणित मानसिकता का बीज देश वासियों के जहन में बोने का काम किया।

चंद्राकर ने कहा कि प्रदेशवासियों को विश्वास था कि छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार द्वारा अपने संकल्प पत्र में किए गए वादे को पीएम मोदी आज पूरा करेंगे। भाजपा ने 2023 के विधान सभा चुनाव तथा 2024 के लोकसभा चुनावों के अपने संकल्प पत्र में घोषणाएं की थी, जिसमें महिलाओं को 500 रूपये में गैस सिलिंडर देने का वादा तो केवल जुमला ही साबित हुआ। इसके अलावा 33 हजार शिक्षकों की भर्ती, एक साल के भीतर प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को 1 लाख सरकारी नाैकरी देने, रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने, फ्री बिजली, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 3 करोड़ नए घर बनाने का संकल्प भाजपा ने लिया था। लेकिन, इनमें से सभी वादे अधूरे हैं। आवास योजना में तो भाजपा ने बड़ा खेल कर दिया है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय निर्मित आवासों को भी इन्होंने अपना बता दिया।

चंद्राकर ने कहा कि पिछले सवा साल में भाजपा की साय सरकार जनता की उम्मीदों पर विफल साबित हो चुकी है। सरकार से युवा, किसान, महिला, मजदूर, विद्यार्थी, अनुसूचित जाति, जनजाति हर वर्ग के लोग निराश हैं। ये सभी भाजपा की सरकार से अपने आपको ठगा महसूस कर रहे हैं। सत्ता के संरक्षण में जगह-जगह अवैध शराब, गांजा, ड्रग्स, नशीली दवाई बिक रहा है, सरकारी अस्पतालों में मरीजों का इलाज नहीं हो रहा है। अस्पतालों में दवाइयां, चिकित्सकीय टेस्टिंग की सुविधा नहीं मिल पा रही है, 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने की गारंटी भी अधूरी है। बिजली उत्पादक राज्य होने के बावजूद छत्तीसगढ़ के किसानों को कृषि के लिए बिजली नहीं मिल पा रही। फसल खराब होने से किसान आत्महत्या कर रहे हैं। आैर इन सब बातों से भाजपा की प्रदेश व केंद्र सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ रहा।