छत्तीसगढ़ में बयानबाज़ी की रेस तेज़: घोड़ा-गधा तक पहुंची सियासत
The race of statements intensifies in Chhattisgarh: Politics has reached the level of horses and donkeys
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में इन दिनों ज़ुबानी हमले नए स्तर पर पहुंच गए हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के हालिया बयान के बाद सत्तारूढ़ बीजेपी और कांग्रेस के बीच घोड़ा-गधा जैसी उपमाओं के साथ तीखी बहस छिड़ गई है। भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कांग्रेस को “स्टड फार्म” करार दिया तो कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा नेताओं को "गधा" कह डाला।
अजय चंद्राकर का तीखा हमला: कांग्रेस को बताया ‘स्टड फार्म’
पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने राहुल गांधी को आड़े हाथों लेते हुए कहा, “राहुल गांधी कोई राजनीतिक दल नहीं चला रहे, बल्कि घोड़ों की खेती कर रहे हैं। कांग्रेस पार्टी अब ‘स्टड फार्म गांधी परिवार प्राइवेट लिमिटेड’ बन गई है।” चंद्राकर ने ये भी कहा कि “राहुल गांधी के साथ छत्तीसगढ़ के कांग्रेस नेता अब सिर्फ बीमार घोड़े हैं, जिन्हें वनतारा जैसे किसी पशु देखरेख केंद्र में भेज देना चाहिए।”
श्याम बिहारी जायसवाल की सलाह: राहुल करें शादी, चढ़ें घोड़ी
इस बयान के बाद भाजपा के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भी राहुल गांधी पर हमला बोला। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी को अब घोड़ी चढ़कर बारात निकाल लेनी चाहिए। शादी कर लेनी चाहिए, शायद तब कुछ समझ आए।”
दीपक बैज का पलटवार: ‘हम रेस का घोड़ा, बीजेपी गधा’
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा के बयानों का जवाब देते हुए कहा, “हम रेस के घोड़े हैं। भाजपा नेताओं को घोड़ों की बात समझ नहीं आती क्योंकि वे खुद ‘गधे’ हैं।” बैज ने कहा कि भाजपा की बौखलाहट उनकी भाषा में दिख रही है, और कांग्रेस इन टिप्पणियों से डरने वाली नहीं है।
राजनीतिक गर्मी, सियासी तल्खी
राजनीतिक पर्यवेक्षक मानते हैं कि यह घोड़ा-गधा बयानबाज़ी महज शुरुआत है। राहुल गांधी की आगामी पदयात्रा और भाजपा की सक्रियता के बीच छत्तीसगढ़ में राजनीतिक टकराव और बढ़ने के आसार हैं। इस बयान युद्ध ने राज्य की राजनीति में नया तेवर और तंज का ट्रेंड शुरू कर दिया है। जनता अब इस सियासी रेस के नतीजों पर नज़र गड़ाए बैठी है।






