महाकुम्भ में अघोरी बनकर घुसने की तैयारी में आंतकवादी, IB की रिपोर्ट के बाद स्लीपर सेल एक्टिव, अब साधुओ के वेश में तैनात होगी पुलिस

Terrorists preparing to enter Maha Kumbh disguised as Aghoris, sleeper cell active after IB report, now police will be deployed in the guise of sadhus

महाकुम्भ में अघोरी बनकर घुसने की तैयारी में आंतकवादी, IB की रिपोर्ट के बाद स्लीपर सेल एक्टिव, अब साधुओ के वेश में तैनात होगी पुलिस

प्रयागराज. यूपी के प्रयागराज में आयोजित होने वाले महाकुम्भ पर आंतकी साया मंडरा रहा है. कुछ आतंकी संगठनों ने प्रयागराज महाकुंभ-2025 को टारगेट करने की साजिश बनाई है. इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) और लोकल इंटेलिजेंस यूनिट ने यूपी के गृह विभाग को एक गोपनीय रिपोर्ट भेजी है.

एक सप्ताह पहले भेजी गई इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि खालिस्तानी व पाकिस्तानी आतंकी, प्रॉक्सी नाम से महाकुंभ को टारगेट कर सकते हैं. उन्होंने अपने स्लीपर सेल को एक्टिव करने का काम भी शुरू कर दिया है. एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आतंकी साधु, पुजारी, अघोरी व गेरुआ वस्त्र धारण कर मेले में प्रवेश कर सकते हैं. ऐसे ही कुछ इनपुट आईबी की रिपोर्ट में भी दिए गए हैं. यही कारण है कि महाकुंभ में सीक्रेट पुलिसकर्मियों को साधुओं के वेश में तैनात किया जा रहा है ताकि वे मेले क्षेत्र में हर गतिविधियों पर नजर रख सकें. ये कुंभ मेले में भीड़भाड़ वाले स्थानों पर, अखाड़ा के पंडालों में व संगम तट पर तैनात रहेंगे. आईबी की रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए गृह विभाग ने अपने सभी विंग को एक्टिव कर दिया है. कुंभ मेले में एटीएस, एसटीएफ, आईबी, एनआई, बम डिस्पोजल स्क्वॉड व एलआईयू की टीमें काम कर रही हैं.

इस अलर्ट के बाद मेला क्षेत्र में प्रवेश करने वाले लोगों की जांच शुरू हो गई है. हर एंट्री पॉइंट पर रजिस्टर लेकर पुलिसकर्मी खड़े हैं. गाड़ी से मेले में आने वालों के नाम, पता व मोबाइल दर्ज किए जा रहे हैं. आधार कार्ड से उनका मिलान कराया जा रहा है. जिन गाडिय़ों पर संदेह हो रहा है. उनकी गहन जांच करवाई जा रही है. संदिग्ध गाडिय़ों और लोगों की तस्वीरें खींचकर उनका मिलान पुलिस के पास मौजूद डेटाबेस से किया जा रहा है. इसके अलावा सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन व एंटी ड्रोन सिस्टम से मेले की सुरक्षा को पुख्ता किया गया है. इस रिपोर्ट के बाद पुलिस डिपार्टमेंट और साइबर सेल ने 6 हजार से ज्यादा सोशल मीडिया प्रोफाइल सर्च किए हैं. कई संदिग्धों को सर्विलांस और कॉल इंटरसेप्ट के जरिए 24 घंटे मॉनिटर किया जा रहा है. इसी जांच के दौरान स्टेट इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट को एक संदिग्ध सोशल मीडिया अकाउंट की जानकारी मिली है. इसमें आतंक का सीक्रेट कोड दर्ज है.

धमकियां मिल रही है-

खबरों है कि नसर पठान नाम युवक ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से 31 दिसंबर को धमकी दी है कि महाकुंभ में बम ब्लास्ट कर 1000 हिंदुओं को मौत के घाट उतारा जाएगा. प्रयागराज कोतवाली में इस मामले को लेकर एक केस भी रजिस्टर्ड करवाया गया है. युवक ने सोशल मीडिया पेज पर खुद को भवानीपुर पूर्णिया (बिहार) का रहने वाला बताया है. साइबर थाना पुलिस इस मामले की पड़ताल में जुटी है. इस इंस्टाग्राम अकाउंट यूजर के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है.

आतंकी पन्नू भी दे चुका है धमकी

इससे पहले पीलीभीत में खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के तीन आतंकियों के एनकाउंटर के बाद 24 दिसंबर को आतंकी पन्नू ने महाकुंभ को लेकर धमकी दी थी. इस मामले में पीलीभीत पुलिस ने केस भी दर्ज किया हैए जिसकी जांच चल रही है.

सिक्योरिटी सिस्टम को किया गया सक्रिय-

इस तरह की धमकियों के मिलने साथ ही मेला प्रशासन ने तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था तैयार की है. पहले यह 13 जनवरी से एक्टिव होने वाली थी. लेकिन अब इसे 31 दिसंबर की रात से सक्रिय कर दिया गया है. इसमें मेला क्षेत्र में घुसते वक्त ही कई जगह पर चेक प्वाइंट्स लगाए गए हैं. जो पहले स्तर पर ही मेला क्षेत्र में पहुंचने वाले व्यक्ति पर निगाह रखेंगे. इसके अलावा अंडर वाटर ड्रोन्स का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसके पानी के भीतर की गतिविधियों पर भी निगाह रखी जा सकेगी. प्रशासन ने साइबर पेट्रोलिंग का कम शुरू कर दिया है. इसमें सोशल मीडिया एकाउंट्स की पड़ताल की जा रही है.

इतिहास में पहली बार सायबर थाना बनाया गया-

कुंभ के इतिहास में पहली बार मेला क्षेत्र में साइबर थाना भी बनाया गया है. पुलिस ने फ्यूचर क्राइम रिसर्च फाउंडेशन की टीम हायर की है. जो आईआईटी कानपुर की टीम के साथ मिलकर साइबर पेट्रोलिंग की व्यवस्था को देखेंगे. मेला क्षेत्र में 2700 सीसीटीवी लगाए गए हैं. जो एआई क्षमता से लैस हैं. ये कैमरे भीड़ ज्यादा होने पर, बैरिकेड जंपिंग, धुंआ उठने जैसी स्थितियों में अलर्ट भी जारी कर सकेंगे.