रूस ने 30 ब्रिटिश नागरिकों के प्रवेश पर लगाया प्रतिबंध

Russia bans entry of 30 British citizens

रूस ने 30 ब्रिटिश नागरिकों के प्रवेश पर लगाया प्रतिबंध

मॉस्को। रूसी विदेश मंत्रालय ने ब्रिटिश पक्ष की शत्रुतापूर्ण कार्रवाइयों के जवाब में 30 ब्रिटिश नागरिकों के रूसी क्षेत्र में प्रवेश करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। रूसी विदेश मंत्रालय की ओर से मंगलवार को जारी एक बयान में कहा गया कि प्रतिबंध सूची में ब्रिटेन के राजनीतिक प्रतिष्ठान, सैन्य गुटों, उच्च तकनीक कंपनियों के साथ-साथ समाचार आउटलेट के सदस्य भी शामिल हैं।

ब्रिटिश उप प्रधानमंत्री एंजेला रेनर, राजकोष की चांसलर रेचल रीव्स, गृह सचिव यवेट कूपर और कई अन्य उच्च पदस्थ अधिकारी इस सूची में शीर्ष पर हैं। मंत्रालय के अनुसार, ब्रिटिश अधिकारियों द्वारा शत्रुतापूर्ण व्यवहार के जवाब में रूस प्रतिबंध सूची का और विस्तार करने के लिए तैयार है।

इससे पहले मंगलवार को रूसी विदेश मंत्रालय ने जासूसी के आरोप में एक ब्रिटिश राजनयिक को निष्कासित करने के बाद रूस में ब्रिटिश राजदूत को तलब किया और विरोध दर्ज कराया।

रूस की संघीय सुरक्षा सेवा (एफएसबी) का हवाला देते हुए सरकारी न्यूज एजेंसी तास ने बताया कि विल्क्स एडवर्ड प्रायर नामक ब्रिटिश राजनयिक पर अपने दस्तावेजों में गलत जानकारी देने और जासूसी समेत कई असामान्य गतिविधियों को अंजाम देने का आरोप लगाया गया है।

एफएसबी ने कहा कि उसे दो दिनों के भीतर रूस छोड़ देना चाहिए। मास्को ने कथित तौर पर आक्रामक रूसी विरोधी बयानबाजी को बढ़ावा देने, अवैध एकतरफा प्रतिबंध लगाने और नव-नाजी कीव शासन का समर्थन करने के लिए लंदन की निंदा की।

दूसरी ओर यूके सरकार ने रूस के इस कदम की निंदा की और आरोपों को दुर्भावनापूर्ण और निराधार बताते हुए खारिज किया। इसके अलावा उचित समय पर जवाब देने की कसम खाई।

ब्रिटेन ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब रूस ने हमारे कर्मचारियों के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण और निराधार आरोप लगाए हैं। हम उचित समय पर जवाब देंगे।