रतलाम के सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार को तीन दिन बाद मिली जमानत, मेडिकल ऑफिसर से झगड़े का मामला
Ratlam's Sailana MLA Kamleshwar Dodiyar got bail after three days, case of quarrel with medical officer
रतलाम। जेल में बंद सैलाना विधानसभा सीट से भारत आदिवासी पार्टी के विधायक कमलेश्वर डोडियार व उनके 13 समर्थकों को तीन दिन बाद शनिवार दोपहर एसडीएम न्यायालय से जमानत मिल गई। न्यायालय ने जमानत देने के आदेश मिलने के बाद विधायक व उनके साथियों को जेल से रिहा किया गया।
उल्लेखनीय है कि पांच दिसंबर 2024 की रात विधायक कमलेश्वर डोडियार अपने साथियों के साथ जिला अस्पताल पहुंचे थे जहां उनके तथा ड्यूटी पर कार्यरत मेडिकल ऑफिसर सीपी राठौर के बीच विवाद हो गया था। दूसरे दिन विधायक ने स्टेशन रोड थाने पर राठौर के खिलाफ तथा राठौर ने विधायक सहित चार आरोपितों के खिलाफ रिपोर्ट की थी।
विधायक ने झूठा प्रकरण दर्ज करने का आरोप लगाकर डाॅक्टर को निलंबित करने व दर्ज प्रकरण वापस लेने की मांग करते हुए 11 दिसंबर को नेहरू स्टेडियम में आंदोलन करने की घोषणा की थी, लेकिन प्रशासन ने अनुमति नहीं दी थी।
वहीं विधायक डोडियार बंजली हवाई पट्टी पर आंदोलन करने की घोषणा कर समर्थकों के साथ पहुंचे थे। तब सुबह करीब 11 बजे विधायक कमलेश डोडियार व उनके साथियों भूरालाल देवदा निवासी ग्राम सुंद्रेल (रावटी), दिलीप सिंह त़ड़वी निवासी रेहटी (सिहोर), दीपक निनामा निवासी विनोबा नगर, छोटू गरवाल निवासी ग्राम बिलड़ी (रावटी), दिनेश माल निवासी ग्राम रामपुरिया, सिद्धार्थ गुप्ता निवासी भोपाल, ध्यानवीर डामोर निवासी ग्राम जाम्बुखादन, दिनेश निनामा निवासी ग्राम बड़ी सरवन, पप्पू डामोर निवासी ग्राम अडवानिया, मांगीलाल राणा निवासी पांडिचेरी, जितेंद्र राणा निवासी बीजापुर (राजस्थान), गौतमपुरी निवासी पाली (राजस्थान) व करण कर्मा निवासी सिंगापुरा इच्छावर (सिहोर) को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
इसके बाद दोपहर 12 बजे तक बड़ी संख्या में समर्थकों ने विधायक व साथियों को रिहा करने की मांग को लेकर सैलाना रोड पर सड़क पर धरना देकर जाम लगा दिया था। अधिकारियों द्वारा डाक्टर के निलंबन का पत्र भोपाल मुख्यालय भेजने की जानकारी देकर तीन दिन में जांच करने का आश्वासन देने पर रात करीब आठ बजे प्रदर्शन समाप्त किया गया था।
जमानत के लिए चक्कर काटते रहे
12 दिसंबर को विधायक के डोडियार अभिभाषक व उनके साथी जमानत के लिए एसडीएम कार्यालय पहुंचे थे, लेकिन एसडीएम अनिल भाना हाईकोर्ट गए हुए थे।
अभिभाषकों व समर्थकों ने अन्य अधिकारियों से चर्चा की थी लेकिन जमानत नहीं दी गई।
13 दिसंबर को भी एडवोकेट दिनेश गरवाल, एडवोकेट एनके कटारिया, एडवोकेट दिनेशचंद्र आटोरिया आदि एसडीएम कार्यालय पहुंचे, लेकिन कार्यालय में किसी ने जमानत दस्तावेज नहीं लिए।
शाम 5.30 बजे तक वे कार्यालय के बाहर बैठे रहे तथा कलेक्टर से बात करने का प्रयास करते रहे लेकिन उनकी बात नहीं हो पाई थी। इसके बाद वे वहां से चले गए।
भारत आदिवासी पार्टी के जिलाध्यक्ष चंदू मईड़ा, पार्टी के महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष संगीता कटारा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कविता भगोरा, जयस नेता अभय ओहरी, आदिवासी एकता परिषद के प्रांतीय महामहामंत्री केएस डामोर, संगीता कटारा, भीम आर्मी के मोहन परिहार ने प्रशासन पर बार-बार चक्कर लगावाने का आरोप लगाकर विधायक व साथियों को रिहा नहीं करने पर 14 दिसंबर से प्रदेशभर में आंदोलन करने तथा विधानसभा व सीएम हाउस का घेराव भी करने की घोषणा की थी।
डोडियार ने कहा प्रशासन पर सत्ता का दबाव था
जेल से रिहा होने के बाद विधायक कमलेश्वर डोडियार ने मीडिया से चर्चा में कहा कि बहुत डरा हुआ था। प्रशासन पर भाजपा का दबाव था। आगे से प्रशासन को दबाव में नहीं आना चाहिए।
हम तो आंदोलनकारी है, आंदोलन करके ही यहां तक पहुंचे है। हमारे सारे लोग जागरूक है तथा आंदोलन का महत्व समझते है। सत्ता का दबाव था प्रशासन पर।
सरकार आदिवासियों को दबाने के सारे हथकंडे अपनाए जा रहे है। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए किसी को बीएनएस की धारा 170 में एकाध घंटे रखने का प्राविधान है।
आज भोपाल के लिए रवाना होंगे
विधायक डोडियार ने नईदुनिया से चर्चा करते हुए कहा कि जेल से रिहा होने के बाद पुलिस वाहन मेंं उन्हें तथा उनके साथ रतलाम जेल में बंद साथी दिनेश माल, भूरालाल देवदा, पप्पू डामर, मांगीलाल राणा व जितेंद्र राणा को सैलाना स्थित मेरे निवास पर छोड़ा गया। वे विधानसभा सत्र में भाग लेने 15 दिसंबर को सुबह भोपाल के लिए रवाना होंगे। वे अपनी गिरफ्तारी का मुद्दा विधानसभा में उठाएंगे।हमें शांतिपूर्वक आंदोलन करने का अधिकारी है।प्रशासन ने चार दिन तक जेल में रखकर हमारे अधिकारों का हनन किया है।






