रायपुर : मनरेगा से साकार हुआ सपनों का आंगनबाड़ी केंद्र

Raipur: MNREGA brings dream Anganwadi centre to life

रायपुर : मनरेगा से साकार हुआ सपनों का आंगनबाड़ी केंद्र

बच्चों के लिए बना सुरक्षित और शिक्षाप्रद वातावरण, ग्रामीणों को मिला रोजगार

रायपुर, 17 अक्टूबर 2025

बच्चों के लिए बना सुरक्षित और शिक्षाप्रद वातावरण, ग्रामीणों को मिला रोजगार

बच्चों के लिए बना सुरक्षित और शिक्षाप्रद वातावरण, ग्रामीणों को मिला रोजगार

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अब केवल रोजगार का साधन ही नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास का मजबूत आधार बन गई है। इसी कड़ी में सरगुजा जिले के जनपद पंचायत उदयपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत पंडरीपानी में नया आंगनबाड़ी केंद्र भवन बनकर तैयार हुआ है। इस भवन के निर्माण से न केवल नौनिहालों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण मिला है, बल्कि ग्रामवासियों को भी रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं।

आंगनबाड़ी भवन बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्र

आंगनबाड़ी केंद्र पूर्व में एक छोटे किराए के भवन में संचालित होता था, जहां सीमित स्थान के कारण बच्चों को पढ़ाई और खेल-कूद में कठिनाई होती थी। अब 11.69 लाख रुपये की लागत से निर्मित यह नया आंगनबाड़ी भवन बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है। निर्माण कार्य के दौरान 494 मानव दिवस का रोजगार सृजित हुआ, जिससे ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है।

बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण स्तर में हुआ सुधार

नव निर्मित आंगनबाड़ी भवन में हॉल, कार्यालय, रसोईघर और शौचालय जैसी सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। भवन की दीवारों पर अक्षर ज्ञान, शिक्षाप्रद चित्र और मनमोहक कार्टून उकेरे गए हैं, जिससे बच्चे खेल-खेल में सीख रहे हैं। सहायिका ने बताया कि वर्तमान में केंद्र में 22 बच्चे पंजीकृत हैं और अब बच्चों की उपस्थिति में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। आंगनबाड़ी में नियमित रूप से पोषण आहार उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सुधार हुआ है। साथ ही किशोरी बालिकाओं को स्वच्छता और पोषण संबंधी जानकारी दी जा रही है तथा गर्भवती एवं शिशुवती माताओं को पूरक पोषण आहार प्रदान किया जा रहा है।

रोजगार सृजन के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था हो रहा सशक्त

जिला प्रशासन द्वारा मनरेगा के तहत जिले में कुल 393 आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है। इनका निर्माण कार्य तेज़ी से जारी है। यह पहल न केवल ग्रामीण महिलाओं और बच्चों के पोषण व शिक्षा स्तर को ऊंचा उठा रही है, बल्कि रोजगार सृजन के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बना रही है।