रायपुर : पर्यटन स्थल राजमेरगढ़ में कॉस्मिक नाइट्स का शानदार आयोजन

Raipur: Cosmic Nights organised in a grand manner at the tourist destination Rajmergarh

रायपुर : पर्यटन स्थल राजमेरगढ़ में कॉस्मिक नाइट्स का शानदार आयोजन

खगोल विज्ञान और प्रकृति अन्वेषण का रहा अनोखा संगम  

रायपुर, 17 नवंबर 2025

 पर्यटन स्थल राजमेरगढ़ में कॉस्मिक नाइट्स का शानदार आयोजन

जिले के पर्यटन स्थल राजमेरगढ़ में जिला प्रशासन एवं बनमनई इको केअर फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को कॉस्मिक नाइट्स ए स्टार गेजिंग एडवेंचर का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं और प्रकृति प्रेमियों ने हिस्सा लिया, जिसमें मुख्य आकर्षण आधुनिक टेलिस्कोप से बृहस्पति और उसके चंद्रमा, शनि के छल्ले, ओरायन, प्लेयडीज़ सहित कई प्रमुख नक्षत्र तथा विभिन्न नेब्युला, तारा समूह, एण्ड्रोमेडा गैलेक्सी एवं अन्य खगोलीय पिण्डों का अवलोकन किया गया। खगोलीय विशेषज्ञ देवल सिंह बघेल द्वारा नक्षत्रों, ग्रहों और बम्हांड विज्ञान पर विशेष सत्र का आयोजन किया गया। उन्होंने प्रतिभागियों को रात में आकाश की वैज्ञानिक व्याख्या अत्यंत रोचक और सरल भाषा में बताया। उन्होंने प्रतिभागियों को नक्षत्रों की पहचान, तारों की संरचना, तापमान और आयु, ग्रहों की कक्षाएँ और गति, ध्रुवतारा से दिशा निर्धारण, आकाशगंगा की संरचना, ब्रह्मांड के विकास सिद्धांत तथा रात में आकाश में मौसमी बदलाव के बारे में विस्तार से बताया।
          पर्यावरणविद् संजय पयासी द्वारा मैकल पर्वतमाला की जैव विविधताओं और संरक्षण पर जानकारी दी गई। उन्होंने प्रतिभागियों को मैकल क्षेत्र की अनूठी जैव-विविधता, वनस्पति और जीव-जंतुओं की विशेष प्रजातियाँ, प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र, जल चक्र और भू-गर्भीय संरचना, मलनिया उद्गम एवं नदियों के स्रोतों की कहानी तथा मानव और प्रकृति के बीच संतुलन की आवश्यकताओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने जंगल आधारित जीवनशैली, स्थानीय समुदायों की भूमिका और प्रकृति संरक्षण के व्यावहारिक उपायों पर भी प्रकाश डाला। प्रतिभागियों ने बताया कि खगोल विज्ञान और पर्यावरण विज्ञान का यह संयुक्त अनुभव उनके लिए ज्ञान का अनूठा समागम रहा। इस आयोजन में नाइट कैंपिंग, बोन फायर, ट्रैक, स्टोरी टेलिंग, मलनिया उद्गम, जलप्रपात ट्रेक और प्रकृति अवलोकन किया गया। साथ ही स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए सरई एवं माहुल के दोना-पत्तल में पारंपरिक भोजन परोसा गया। प्रतिभागियों ने इस कार्यक्रम को बेमिसाल और हृदयस्पर्शी हिस्सा बताया है। जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित इस तरह के कार्यक्रमों में युवाओं को विज्ञान, अंतरिक्ष अध्ययन, प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने का अवसर मिलता है।