प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से बदली महिलाओं की रसोई, धुएं से मिली मुक्ति

Prime Minister Ujjwala Yojana has transformed women's kitchens, freeing them from smoke.

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से बदली महिलाओं की रसोई, धुएं से मिली मुक्ति

रायपुर, 26 दिसंबर 2025 प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत आज चार पात्र हितग्राहियों को निःशुल्क एलपीजी गैस सिलेंडर वितरित किए गए। सिलेंडर मिलते ही महिलाओं के चेहरों पर सुकून और खुशी साफ झलक उठी। यह खुशी केवल सुविधा मिलने की नहीं, बल्कि वर्षों से झेली जा रही कठिनाइयों से मुक्ति की थी। कच्चे मकानों में जीवन यापन कर रहीं राजेश्वरी साहू, मीना यादव, परमेश्वरी वर्मा और पावर्ती के लिए यह दिन सपने के साकार होने जैसा रहा।

     अब तक चूल्हे पर खाना बनाते समय धुएं से आंखों में जलन, सांस की दिक्कत और बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव उनकी रोजमर्रा की मजबूरी थे। उज्ज्वला योजना के अंतर्गत स्वच्छ रसोई ईंधन उपलब्ध होने से न केवल रसोई का वातावरण बदला है, बल्कि घर-परिवार के स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक असर पड़ा है।

      मेड़ेसरा निवासी श्रीमती राजेश्वरी साहू ने बताया कि निःशुल्क एलपीजी कनेक्शन मिलने से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को सुरक्षित, स्वच्छ और किफायती ईंधन सुलभ हुआ है। आवेदन प्रक्रिया सरल रही केवल पासपोर्ट आकार का फोटो, निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, आधार कार्ड और बैंक खाते का विवरण जमा कर बिना किसी जमा राशि के कनेक्शन प्राप्त हुआ। इससे महिलाओं पर किसी तरह का आर्थिक बोझ नहीं पड़ा और घरेलू श्रम के साथ समय की भी बचत हो रही है।

      रवेली निवासी श्रीमती परमेश्वरी वर्मा ने कहा कि पहले चूल्हे के धुएं से छोटे बच्चों को भी परेशानी होती थी। अब गैस सिलेंडर मिलने से बच्चों को धुएं से राहत मिलेगी और भोजन जल्दी व सुरक्षित तरीके से बन सकेगा। वहीं, दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करने वाली मीना यादव ने बताया कि वे लंबे समय से इस सुविधा की प्रतीक्षा कर रही थीं। पहले आवेदन के बावजूद लाभ नहीं मिल पाया था, लेकिन अब वर्षों के इंतजार के बाद गैस कनेक्शन मिलने से उनके घर में खुशी का माहौल है।

      प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ग्रामीण और गरीब परिवारों की महिलाओं के जीवन में वास्तविक परिवर्तन ला रही है। यह योजना केवल स्वच्छ रसोई का सपना ही साकार नहीं कर रही, बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य, सम्मान और जीवन स्तर को बेहतर बनाकर आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत कदम भी सिद्ध हो रही है।