माहवारी पर खुली बातचीत से बदल रही सोच
Open discussions on menstruation are changing mindsets
बलरामपुर में जागरूकता गोष्ठी ने दिया स्वस्थ, संवेदनशील और सशक्त समाज का संदेश
रायपुर , 28 मई 2026

समाज में लंबे समय से चुप्पी और संकोच के दायरे में रही माहवारी जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अब खुलकर संवाद होने लगा है। बलरामपुर जिले में आयोजित माहवारी स्वच्छता एवं प्रबंधन जागरूकता गोष्ठी ने न केवल छात्र-छात्राओं को वैज्ञानिक जानकारी दी, बल्कि संवेदनशील और सकारात्मक सामाजिक सोच को भी नई दिशा प्रदान की।
कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देशन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय कुमार सिंह के मार्गदर्शन में शासकीय महाविद्यालय बलरामपुर में आयोजित इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा भारत स्काउट्स एंड गाइड जिला शाखा के संयुक्त प्रयास से युवाओं को माहवारी से जुड़े मिथकों और भ्रांतियों के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम की सबसे विशेष बात यह रही कि छात्र-छात्राओं ने बिना झिझक माहवारी जैसे विषय पर खुलकर चर्चा की।
विशेषज्ञों ने सहज और सरल भाषा में बताया कि माहवारी एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिसे लेकर शर्म या डर नहीं बल्कि जागरूकता और समझ की आवश्यकता है। इस दौरान किशोरियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया और युवाओं को यह संदेश दिया गया कि स्वस्थ समाज के निर्माण में संवेदनशील सोच और पारस्परिक सम्मान बेहद जरूरी है।
गोष्ठी में “जागरूक बेटी, स्वस्थ बेटी, सशक्त समाज, समृद्ध भारत” का संदेश देते हुए माहवारी शिक्षा, पीरियड्स-फ्रेंडली वातावरण, स्वच्छता उत्पादों तक पहुंच और सम्मानजनक सुविधाओं की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने कहा कि माहवारी पर खुलकर चर्चा करना केवल महिलाओं का विषय नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में किशोरी स्वास्थ्य, पोषण, मानसिक स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और व्यक्तिगत स्वच्छता जैसे विषयों पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही लड़कों और लड़कियों दोनों से समान भागीदारी और सहयोग की अपील करते हुए सामाजिक संवेदनशीलता विकसित करने का संदेश दिया गया।
यह जागरूकता गोष्ठी केवल स्वास्थ्य शिक्षा का कार्यक्रम नहीं रही, बल्कि बदलती सामाजिक सोच, जागरूक युवा शक्ति और सम्मानजनक संवाद की एक प्रेरणादायी पहल बनकर सामने आई।






