केजरीवाल सरकार ने 5 साल में 22 मंदिर गिराने की दी मंजूरी
Kejriwal government gave permission to demolish 22 temples in 5 years
नई दिल्ली. चुनावों से पहले दिल्ली की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री आतिशी ने उपराज्यपाल (LG) पर धार्मिक स्थलों को गिराने के आदेश देने का आरोप लगाया था। इस पर LG कार्यालय ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। LG सचिवालय का कहना है कि 2016 से 2023 के बीच 22 मंदिरों को गिराने की मंजूरी खुद केजरीवाल सरकार ने दी थी।
LG कार्यालय के अनुसार, फरवरी 2023 में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और तत्कालीन गृह मंत्री मनीष सिसोदिया ने करावल नगर और न्यू उस्मानपुर में 9 मंदिरों को गिराने के आदेश दिए थे। ये आदेश धार्मिक समिति की सिफारिशों के आधार पर जारी किए गए। इससे पहले, 2016 में तत्कालीन गृह मंत्री सत्येंद्र जैन ने भी 8 मंदिरों को गिराने की मंजूरी दी थी।
सचिवालय ने बताया कि 2016 से 2023 के दौरान दिल्ली में 24 धार्मिक ढांचों को गिराने के आदेश दिए गए, जिनमें से 22 हिंदू मंदिर थे। इन ढांचों को हटाने की वजह सार्वजनिक विकास परियोजनाओं, जैसे ग्रेड सेपरेटर और सड़क निर्माण, को बताया गया।
मुख्यमंत्री आतिशी ने LG पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाते हुए धार्मिक स्थलों को गिराने के आदेश देने की बात कही थी। इसके जवाब में LG कार्यालय ने उनके आरोपों को झूठा और भ्रामक करार दिया।
LG कार्यालय का कहना है कि ये सभी आदेश आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार की मंजूरी से जारी हुए थे और इनका मकसद विकास परियोजनाओं को सुचारू रूप से आगे बढ़ाना था। LG सचिवालय ने आतिशी से माफी मांगने और "सस्ती राजनीति" से बचने की सलाह दी है।






