कस्तूरबा विद्यालय की झांकी व शिव तांडव ने भोरमदेव पदयात्रा को बनाया ऐतिहासिक

Kasturba Vidyalaya's tableau and Shiva Tandava made Bhoramdev Padayatra historic

कस्तूरबा विद्यालय की झांकी व शिव तांडव ने भोरमदेव पदयात्रा को बनाया ऐतिहासिक

कवर्धा। सावन के पहले सोमवार को आयोजित भोरमदेव पदयात्रा इस वर्ष सांस्कृतिक विविधता, धार्मिक आस्था और नवाचार के साथ ऐतिहासिक बन गई। श्रद्धालुओं की अपार भीड़ के बीच, कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की छात्राओं ने जो शिव आराधना, तांडव नृत्य और झांकी प्रस्तुत की, उसने हजारों श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।

छात्राओं ने शिव, पार्वती, नंदी और शिवभक्तों का सजीव रूप धरकर बुढ़ा महादेव मंदिर से लेकर भोरमदेव मंदिर परिसर तक की यात्रा में भक्ति का अद्भुत वातावरण रच दिया। मंदिर प्रांगण में शिव तांडव और आराधना की प्रस्तुति के दौरान “हर हर महादेव”, “बोल बम” और “बम बम भोले” के जयघोषों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।

पदयात्रा में चार-पांच अलग-अलग दलों द्वारा भव्य झांकियों की प्रस्तुति भी की गई, जिनमें छत्तीसगढ़ की जनआस्था, पुरातात्विक विरासत, लोक संस्कृति और धार्मिक पर्यटन की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई दी। हर झांकी ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

पदयात्रा में जिले के शासकीय और निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों की भागीदारी उल्लेखनीय रही। दिल्ली पब्लिक स्कूल, अभ्युदय स्कूल, अशोका स्कूल, रामकृष्ण स्कूल और लवकुश स्कूल के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। वे न केवल भक्ति-भाव में डूबे रहे, बल्कि पदयात्रियों को अनुशासन और समर्पण का भी संदेश दिया।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, सांसद संतोष पांडेय, कलेक्टर गोपाल वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने बच्चों के प्रयासों की सराहना करते हुए उनके साथ सेल्फी ली और उनका उत्साहवर्धन किया। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि इस प्रकार की प्रस्तुति आने वाली पीढ़ियों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का अवसर मिल रहा है।